Google Play Protect || कैसे काम करता है ?
Google Play Protect || कैसे काम करता है ?

Google Play Protect || क्या है, यह कैसे काम करता है ?

कई लोग Google Play Protect को एक Apps मानते हैं लेकिन ये एक एप नहीं बल्कि Google का एक Tool है जो गूगल प्ले स्टोर में उपयोग किया जाता है. Google Play Store Apps का भंडार है, यहाँ पर रोजाना कितनी ही एप अपलोड होती है और रोजाना कितने ही लोग इन Apps को Download और Install करते हैं. ऐसे में गूगल की ज़िम्मेदारी बनती है की वो आपके फोन को सुरक्षित Smartphone Security बनाने की दिशा में कदम उठाए. ऐसे में Google ने Play Protect Tool को लॉंच किया.

प्ले प्रोटेक्ट है क्या ?

कोई भी Smartphone Application का भंडार होता है. अगर उस Smartphone में कोई Application न हो तो वो फोन किसी काम का नहीं. इन Application में खूब सारा डाटा होता है जिसके द्वारा इन एप्लिकेशन को उपयोग किया जाता है. कई बार कुछ Mobile Apps ऐसी होती है जिनमें मालवेयर या वायरस होते हैं. ये आपके फोन का डाटा चुराती है, आपके Phone को हैक करने की कोशिश करती है. इन सभी से सुरक्षा के लिए Google ने Tool बनाया जिसका नाम Google Play Protect है. इसकी मदद से आप अपने फोन को काफी हद तक बाहरी Cyber Attack से बचा सकते हैं.

यह गूगल दवारा लांच किया गया एक नया सिक्योरिटी सिस्टम है जो किसी भी एंड्रायड डिवाइस को automatically scan करता है और fake apps से भी वचाता है। अगर आप कोई app download कर रहे हैं तो ये पहली इसकी  जांच करेगा, अगर जांच के दोरान app fake निकलता है तो ये उस पर action लेगा। इस app को गूगल के सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने ढूंढा था। जो आने वाले समय में आपके फोन के लिए “कवच” की तरह काम करेगा।

गूगल प्ले स्टोर से download करें

  1. इस ऐप को आप गूगल प्ले स्टोर से download कर

सकते हो।

  1. Download के वाद आप rejoin पे click करें।
  2. अब आप अपने मोबाइल फोन की setting में जाके आपको Google पे click करना है।
  3. Next – आपको security में जाके verify apps पे click करना है।
  4. अब आपको scan device for security threats को on करना है।
  5. यह भी पढ़ें: GOOGLE DRIVE || इसका इस्तेमाल कैसे करे ?

Google Play Protect कैसे काम करता है ?

गूगल अपने प्ले स्टोर पर मौजूद हर तरह की ऐप की privacy और security

की जांच करता है। इसके लिए यह हर कैटेगरी के लिए peer ग्रुप बनाता है। तो ऐसे में अगर कोई ऐप यूजर से किसी भी बात की permission  मांगती है तो उसे गूगल द्वारा हरी झंडी दे दी जाती है। गूगल के विशेषज्ञों ने यह महसूस किया कि कैटेगरी-बेस्ड peer ग्रुप में बदलाव करना अनिवार्य नहीं हैं। । जिससे यह पता नहीं चल पाता है कि समान कैटेगरी में ऐप्स के प्रकार कितने हैं। इसलिए गूगल ने प्ले प्रोटेक्ट लॉन्च किया ताकि इस बात की गहन जांच हो सके कि समान कैटेगरी में ऐप्स के कितने प्रकार हो सकते हैं.

 इस ऐप के इस्तेमाल से डाटा secure रहता है

  1. इसके लिए आपको google open करना है और टाइप करना है – Android Device Manager ।
  2. इसके बाद जो पहला option आएगा उसे open कर अपना Gmail Account login करना है।
  1. यहां पे आपको अपनी डिवाइस की लोकेशन का पता चल जाएगा।
  2. साथ ही आप फोन का डाटा डिलीट भी कर सकते हैं और उसे lock
  3. इसे भी पढ़ें: WHAT IS WWW ? || और कैसे काम करता है ?

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