मुहावरे और उनके अर्थ || 1000 मुहावरे और उनके वाक्य प्रयोग
मुहावरे और उनके अर्थ || 1000 मुहावरे और उनके वाक्य प्रयोग

मुहावरे और उनके अर्थ || 1000 मुहावरे और उनके वाक्य प्रयोग

अ से आ तक मुहावरे

अक्ल का दुश्मन – (मूर्ख) – अरे! अक्ल के दुश्मन , यदि जीवन में सफलता पानी है तो मेहनत करो । अंधे की लकड़ी – (एकमात्र सहारा) – मानव अपने माता-पिता के लिए अंधे की लकड़ी है । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤अक्ल पर पत्थर पड़ना – (बुद्धि नष्ट होना) – मुसीबत आने पर मनुष्य की अक्ल पर पत्थर पड़ जाते हैं ।

➤➤अपना उल्लू सीधा करना – (अपना स्वार्थ पूरा करना) – अरुण को तो अपना उल्लू सीधा करना था , अब वह तुषार से बात भी नहीं करता ।

यह भी पढ़ें : रस किसे कहते है ? और प्रकार उदाहरण सहित

➤➤अंगूठा दिखाना – (समय पर धोका देना) – मैंने राधिका से कुछ पैसे मांगे तो उसने मुझे अंगूठा दिखा दिया ।

➤➤अक्ल का अँधा – (मूर्ख) – राजेश अक्ल का अँधा है , वह किसी के समझाने से मानता ही नहीं है ।

➤➤अपना राग अलापना – (अपनी ही बातें करते रहना) – मैं उससे मदद मांगने गया था , परन्तु वह अपना ही राग अलापता रहा ।

➤➤अँधेरे घर का उजियारा – (इकलौता पुत्र) – राहुल इसलिए अधिक लाडला पुत्र है क्योंकि वही इस अँधेरे घर का उजियारा है ।

अ – आ तक मुहावरे और उनका अर्थ

➤➤आकाश के तारे तोडना – (असंभव कम करना) – शादी से पहले जो पुत्र अपने माता-पिता के लिए आकाश के तारे तोड़ने को तैयार था , परन्तु अब उन्हें काटने को दोड़ता है ।

➤➤ आटे में नमक – (बहुत कम) – सुलतान को उसके शरीर के अनुसार खुराक चाहिए , आधा लीटर दूध तो उसके लिए आटे में नमक के बराबर है ।

➤➤आपे से बाहर होना – (क्रोधित होना) – आपे से बाहर होकर कंडक्टर ने यात्री को पीट डाला ।

➤➤आग में घी डालना – (क्रोध को बढ़ावा देना) – लड़ाई के समय अविनाश ने पदम् की पिछली बातें उखाडकर आग में घी डालने का काम किया ।

➤➤आग बबूला होना – (क्रोधित होना)- मेरे फेल होने पर माता जी आग बबूला हो गईं ।

➤➤आकाश-पाताल एक करना – (बहुत मेहनत करना) – सुजाता ने प्रथम श्रेणी प्राप्त करने के लिए आकाश-पाताल एक कर दिया ।

➤➤आनन -फानन में – (बिना किसी देर के) -उमेश ने आनन-फानन में दो किलोमीटर दौड़ लगा दी ।

➤➤आस्तीन का साँप – (धोखा देने वाला मित्र) – रोहित को पता नहीं था की अंकुर आस्तीन का साँप निकलेगा ।

अ – आ तक मुहावरे और उनका अर्थ

➤➤आँखों का तारा – (बहुत प्यारा होना) – अकेली सन्तान माँ – बाप की आँखों का तारा होती है ।

➤➤आँखों में धूल झोंकना – (धोखा देना) – डाकू पुलिस की आँखों में धूल झोंककर भाग गए ।

➤➤आँखें दिखाना – (गुस्सा करना) – पिता जी ने आँखें दिखाकर नरेंद्र जी को चुप कर दिया ।

➤➤आँखें बिछाना – (स्वागत करना) – जनता ने आँखें बिछाकर अपने वीर सैनिकों का सम्मान किया ।

➤➤अपने मुंह मियाँ मिट्ठू बनना – (स्वं अपनी प्रशंसा करना) – अच्छे आदमियों को अपने मुंह मियाँ मिट्ठू बनाना शोभा नहीं देता ।

➤➤अक्ल का चरने जाना – (समझ का आभाव होना) – इतना भी समझ नहीं सके , क्या अक्ल चरने गई है ।

➤➤अपने पैरों पर खड़ा होना – (आत्मनिर्भर होना) – व्यक्ति को अपने पैरों पर खड़े होकर काम करना चाहिए ।

➤➤आँखें खुलना – (होश आना) – एक बार ठोकर लगने के बाद व्यक्ति की आँखें खुल जाती हैं ।

➤➤आसमान से बातें करना – (बहुत ऊँचाई पर होना) – आजकल लोग आसमान से बातें करते हैं ।

इसे भी पढ़े: ऊष्मा किसे कहते हैं ? || और कितने प्रकार की होती है ?

अ – आ तक मुहावरे और उनका अर्थ

➤➤ढाई चावल की खिचड़ी अलग पकाना – (अलग-अलग रहना) – कुछ सैलून पहले पाकिस्तानी सेना ढाई चावल की खिचड़ी अलग पका रही थी ।

➤➤अपना सा मुंह लेकर रह जाना – (असफलता प्राप्त होना) – जब वह अपना काम पूरा ना कर सका तो मालिक के समने वह अपना सा मुंह लेकर रह गया ।

➤➤अरमान निकालना – (इच्छा पूरी करना) – बेटे की शादी में बाबु साहब ने अपने दिल के अरमान निकाले ।

➤➤अरमान रहना – (इच्छा पूरी न होना) – पुत्र के मर जाने से गरीब के सारे अरमान रह गये ।

➤➤आँख उठाकर न देखना – (ध्यान न देना) – श्याम किसी को आंख उठाकर नहीं देखता है ।

➤➤आँख का कांटा होना – (शत्रु होना) – बुरा काम करने की वजह से वह आस-पडोस वालों की आँख का कांटा हो गया है ।

➤➤आँखें लाल करना – (गुस्से से देखना) – सुंदर की बातों का बुरा मान क्र उसने आँखें लाल कर लीं ।

यह भी पढ़ें: ताप किसे कहते है ? || तापमापी किसे कहते है ?

अ – आ तक मुहावरे और उनका अर्थ

➤➤आँखें सेकना – (दूसरों की लड़ाई से आनन्द लेना) – हमारी लड़ाई को देखकर सभी लोग अपनी आँखें सेकते हैं ।

➤➤आँच न आने देना – (थोड़ी सी भी चोट न लगने देना) – मेरा दोस्त मुझ पर जरा भी आँच नहीं आने देगा ।

➤➤आटे दाल का भाव मालूम होना – (कठिन समय की समझ होना) – जब जिम्मेदारियाँ निभाने लगोगे तब तुम्हे आटे दाल का भाव पता लगेगा ।

➤➤आँसू पीकर रह जाना – (दुःख और अपमान को सहन करना) – सबके समने बुरा भला सुनकर भी वह आँसू पीकर रह गया ।

➤➤आग पर पानी डालना – ( शांत करना) – ओ भाइयों में ज्यादा गरमा-गर्मी हो गई थी लेकिन दीदी की बातों ने आग पर पानी डाल दिया ।

➤➤आग लगने पर कुआँ खोदना – (मुसीबत आने पर मुसीबत का हल ढूँढना) – अंतिम घडी में शहर से डॉक्टर बुलाना आग लगने पर कुआँ खोदने के समान है ।

➤➤आटा गीला करना – (घाटा आना) – कम कीमत में फसल बेचोगे तो आटा तो गीला होगा ही ।

➤➤आधा तीतर आधा बटेर – (बेढंगा) – पश्चिमी संस्क्रती ने भारतीय संस्क्रती को आधा तीतर आधा बटेर बना दिया ।

अ – आ तक मुहावरे और उनका अर्थ

➤➤आबरू पर पानी फिरना – (प्रतिष्ठा बर्बाद होना) – तुम्हारी नादानी के कारण ही हमारी आबरू पर पानी फिर गया ।

➤➤आवाज उठाना – (विरोध करना ) – गुंडों के खिलाफ आवाज उठाना आम बात नहीं है ।

➤➤आसमान सिर पर उठाना – (शोर मचाना) – स्कूल के बच्चों ने आसमान सिर पर उठा लिया ।

➤➤आँख भर आना – (आँसू आना) – बेटी की बिदाई से माँ बाप की आँख भर आई ।

➤➤आँखों में बसना – (दिल में समाना) – वह इतना बुद्धिमान है कि वह मेरी आँखों में बस गया ।

➤➤अंक भरना – (प्यार से गले लगा लेना) – माँ ने बेटी को देखते ही अंक भर लिया ।

➤➤अंग टूटना – (बहुत थक जाना) – ज्यादा काम करने से मेरे तो अंग टूटने लगे हैं ।

➤➤अंगारों पर लेटना – (दुःख सहना) – वह दूसरे की तरक्की देखकर अंगारों पर लोटने लगा ।

➤➤अंचरा पसारना – (माँगना) – माँ ने अपने बेटे की तरक्की के लिए भगवान के सामने अंचरा पसार लिया ।

इसे भी पढ़ें : सर्वनाम किसे कहते है ? और प्रकार उदाहरण सहित

➤➤अण्टी मारना – (चाल चलना) – ऐसी अण्टीमारो कि सब चारों खाने चित हो जाए ।

अ – आ तक मुहावरे और उनका अर्थ

➤➤अण्ड-बण्ड कहना – (भला-बुरा कहना) – तुम क्या अण्ड-बण्ड ख रहे हो कोई सुन लेगा तो बहुत पिटेगा ।

➤➤अन्धाधुन्ध लुटाना – (बिना सोचे खर्च करना) – अपनी कमाई को कोई भी अन्धाधुन्ध लुटाया नहीं करते ।

➤➤अन्धा बनना – (आगे-पीछे कुछ नहीं देखना) – धर्म के पीछे अँधा नहीं बनना चाहिए ।

➤➤अन्धा बनाना – (धोखा देना) – लोगों ने ही लोगों को अँधा बना रखा है ।

यह भी पढ़ें : हिन्दी के वर्ग उदाहरण || CLASS EXAMPLES IN HINDI

➤➤अँधा होना – (विवेकभ्रष्ट होना) – तुम अंधे हो गये हो क्या यह भी नहीं देखते कि कोई खड़ा है या नहीं ।

➤➤अंधेरखाता – (अन्याय होना) – मुंहमांगा देने पर भी लोग अन्याय करते हैं यह कैसा अन्धेरखाता है ।

➤➤अंधेर नगरी – (जहाँ कपट का बोलबाला हो) – पहले चाय इकन्नी में मिलती थी और अब दस पैसे की मिलती है ये बाजार नहीं अंधेर नगरी है ।

➤➤अकेला दम – (अकेला होना) – मैं तो अकेला हूँ जिधर सींग समायेगा , चल दूंगा ।

➤➤अक्ल की दुम – (खुद को होशियार समझनेवाला) – तुम्हे दस का पहाडा तो आता है नहीं और खुद को साइंस का टॉपर कहते हो ।

अ – आ तक मुहावरे और उनका अर्थ

➤➤अगले जमाने का आदमी – (ईमानदार व्यक्ति) – आज की दुनिया में अगले जमाने का आदमी बुद्ध माना जाता है ।

➤➤अढाई दिन की हुकुमत ( कुछ ही दिन की शानोशौकत) – जरा होशियार रहें ये अढाई दिन की हुकुमत है जल्दी चली जाएगी ।

➤➤अन्न जल उठाना – (मरना) – मुझे नहीं पता था कि तुम्हारा यहाँ से अन्न जल उठ गया है ।

➤➤अन्न जल करना – (जलपान करना) – बहुत दिनों बाद आये हो कुछ अन्न जल तो कर लेते ।

➤➤अपना किया पाना – (कर्म का फल भोगना ) – जब बेकार लोगों से नाता रखोगे तो अपना किया ही पाओगे ।

➤➤अब तब करना – (बहाना बनाना) – मैने उससे कुछ माँगा तो उसने अब तब करना शुरू क्र दिया ।

➤➤अब तब होना – (परेशान करना) – दवाई देने से कोई फायदा नहीं वह तो अब तब हो रहा है ।

➤➤आठ आठ आँसू रोना – (बहुत पछताना) – अगर अभी नहीं पढोगे तो बाद में आठ आठ आँसू रोना पड़ेगा ।

➤➤आसन डोलना – (विचलित होना) – धन देखते ही ईमान का भी आसन डोल जाता है ।

अ – आ तक मुहावरे और उनका अर्थ

➤➤आसमान टूट पड़ना – (बहुत कष्ट आना) – उसने इतने दुखों का समना किया की मानो उस पर तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा ।

➤➤अगिया बैताल – (क्रोधी) – रोहन छोटी-छोटी बात पर अगिया बैताल हो जाता है ।

➤➤अंत पाना – (भेद पाना) – किसी का भी अंत पाना कठिन है ।

➤➤अंतर के पेट खोलना – (समझदारी से काम लेना) – हर परेशानी में हमे अंतर के पेट खोलना चाहिए ।

➤➤अक्ल के घोड़े दौड़ना -(कल्पनाएँ करना) – जय तो हमेशा अक्ल के घोड़े दौड़ता रहता है ।

➤➤अपनी डफली आप बजाना – (अपने मन अनुसार करना) – राधा किसी की बात नहीं सुनती , वो हमेशा अपनी ढपली बजाती रहती है ।

➤➤अंधों में काना राजा – (अनपढ़ों में पढ़े लिखे का सम्मान होना) – रावन तो अंधों में काना राजा के समान है ।

➤➤अंकुश देना – (जोर देना) – भारतीय खिलाडियों पर खेल जीतने के लिए बहुत अंकुश दिया गया ।

➤➤अंग में अंग चुराना- (शरमाना) – वह मुझसे अंग से अंग चुराने लगा ।

अ – आ तक मुहावरे और उनका अर्थ

➤➤अंग-अंग फूले न समाना- (बहुत खुश होना) – अपनों से मिलकर उसका अंग-अंग फूले न समाया ।

➤➤अंगार बनना- (क्रोधित होना) – राजेश की बात सुनकर रमेश अंगार बन गया ।

➤➤अंडे का शाहजादा- (अनुभवहीन) – काम करना क्या होता है वह अंडे का शाहजादा क्या जाने ।

➤➤अठखेलियाँ सूझना- (दिल्लगी करना) – आजकल के बच्चों को अठखेलियाँ सूझती हैं ।

➤➤अँधेरे मुँह- (प्रातः काल) – वो तो अँधेरे मुंह उठकर ही काम करने लगता है ।

➤➤अड़ियल टट्टू- (रूक-रूक कर काम करना) – तुम्हे काम करना नहीं आता तुम अड़ियल टट्टू की तरह काम करता है ।

➤➤अपना घर समझना- (बिना संकोच व्यवहार करना) – सुखी ने रिश्तेदारों से बात करने के लिए बुलाया लेकिन वो तो उसे अपना ही घर समझने लगे ।

➤➤अड़चन डालना- (बाधा उत्त्पन करना) – सपना हर शुभ काम में अडचन डालती है ।

➤➤अरण्य-चन्द्रिका- (व्यर्थ का पदार्थ होना) – अरुण अपना समय अरण्य चन्द्रिका पर बर्बाद कर्ता रहता है ।

➤➤आसमान दिखाना- (पराजित करना) – आयुर्वेद ने सभी विदेशी कम्पनियों को आसमान दिखा दिया ।

➤➤आड़े आना- (नुकसानदेह होना) – आजकल की वस्तुएं आड़ी आने लगी हैं ।

अ – आ तक मुहावरे और उनका अर्थ

➤➤अंगारे उगलना – (कडवी बातें करना) – सरोज तो बातें नहीं करती वह तो अंगारे उगलती है ।

➤➤अंगूठा चुसना – (खुशामद करना) – स्वाभिमानी लोग कभी किसी का अंगूठा नहीं चूसा करते ।

➤➤अंगड़ाना – (अंगड़ाई लेना) – जब श्याम सुबह उठता है तो उठने के बाद अंगड़ाता है ।

➤➤अँगूठे पर मारना – (परवाह न करना) – वह छोटे – बड़ों को तो अपने अंगूठे पर मरता है ।

➤➤अँधेरे घर का उजाला – (अकेली संतान होना) – राकेश तो अपने अँधेरे घर का उजाला है ।

➤➤अँधेरे मुँह – (पौ फटते) – गाँव में सब लोग अँधेरे मुंह ही उठने लगते हैं ।

अ – आ तक मुहावरे और उनका अर्थ

➤➤अक्ल का कसूर – (बुद्धि दोष) – तुम्हे कोई बात समझ नहीं आती यह तुम्हारा नहीं तुम्हारी अक्ल का कसूर है ।

➤➤अटकलेँ भिड़ाना – (उपाय सोचना) – वह तो हर वक्त किसी न किसी बात पर अटकलें भिडाती रहती है ।

➤➤अक्षर से भेँट न होना – (अनपढ़ होना) – वह तो बहुत गरीब है उसकी अक्षर से भेंट नहीं हुई होगी ।

➤➤औंधी खोपड़ी का होना – (मूर्ख होना) – वह कुछ नहीं समझ सकता वह तो औंधी खोपड़ी का आदमी है ।

➤➤औंधे मुंह गिरना – (बुरी तरह धोखा खाना) – खरीददारी करने की वजह से किसान औंधे मुंह आ कर गिरा है ।

इ – ऐ तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

ईद का चाँद होना – (बहुत दीनों के बाद दिखयी देना) – तुम्हें देखने को तरस गए मित्र , तुम तो ईद का चाँद हो गए हो । – मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤ईंट का जवाब पत्थर से देना – (किसी की दुष्टता का करारा जवाब देना) – भारतीय सेना ने शत्रु का समना करते समय ईंट का जवाब पत्थर से दिया ।

➤➤ईंट से ईंट बजाना – (सर्वनाश करना) – कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी सेना के घुसपैठियों की ईंट से ईंट बजा दी ।

➤➤इधर-उधर करना – (टालमटोल करना) – अब इधर – उधर मत करो मुझे मेरी पुस्तक दे दो ।

इ – ऐ तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

➤➤इधर की दुनिया उधर होना – (कोई अनहोनी बात का होना) – चाहे इधर की दुनिया उधर हो जाए पर में वहाँ नहीं जाऊंगा ।

➤➤इधर की उधर करना – (चुगली करना) – अनीता को कुछ भी बताना बेकार है वह तो इधर की उधर करती रहती है ।

➤➤इंद्र का अखाडा – (मौज की जगह होना) – भाइयों यह शराबखाना नहीं है यह तो इंद्र का अखाडा है ।

➤➤ इज्जत बेचना – (पैसे लेकर इज्जत लुटाना) – आप लोग क्या समझते हैं कि शहर की लडकियाँ अपनी इज्जत बेचती फिरती हैं ।

➤➤ईमान बेचना – (बेईमानी करना) – लोग पैसे के पीछे अपना ईमान बेचते फिरते हैं ।

➤➤इतिश्री होना – (समाप्त होना) – वह इन्सान का काम तो इतिश्री हो चूका है ।

उ से ऊ तक मुहावरे

➤➤उडती चिड़िया पहचानना – (राज की बात दूर से जान लेना) – उसे उडती चिड़िया पहचानना आता है ।

➤➤उडती खबर – (अफवाह होना) – हमें किसी भी उडती खबर पर विश्वास नहीं करना चाहिए ।

➤➤उल्लू का पट्ठा – (बेवकूफ होना) – वह तो उल्लू का पट्ठा है वह अक्ल से काम कैसे लेगा ।

➤➤उल्लू बनाना – (पागल बनाना) – सुधा को उल्लू बनाना बहुत कठिन है वह सब कुछ पहचान लेती है ।

➤➤उल्टे अस्तुरे से मूडना – (मूर्ख बनाकर ठगना) – उस ढोंगी ने आज मुझे उल्टे अस्तुरे से मूड लिया था ।

➤➤उँगली उठाना – (दोष देना) – तुमने बिना कुछ सोचे मुझ पर ऊँगली क्यूँ उठाई ।

➤➤उल्टी माला फेरना – (बुरा सोचना) – हमारी दादी जी तो हमेशा ही उल्टी माला फेरती रहती हैं ।

➤➤उठा-पटक करना – (तोड़फोड़ करना) – वह तो हर मामले में उठापटक कर्ता है ।

ए से ऐ तक मुहावरे

➤➤एक आँख न भाना – (अच्छा न लगना) – बेटे के साथ तुम्हारा व्यवहार मुझे एक आँख नहीं भाता ।

➤➤ऐसी तैसी करना – (बेईज्जती करना) – सब के समने उसने अपने ही बड़े भाई की ऐसी तैसी कर दी ।

➤➤एक घाट पानी पीना – (एकता होना) – सनम और शबनम दोनों ही एक घाट का पानी पीती हैं ।

क से शुरू मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

कलेजा मुँह को आना – (बहुत दुःख होना) – उस वृद्ध की खानी सुनकर मेरा तो कलेजा मुंह को आ गया । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤कलेजा ठंडा होना – (संतोष होना)– सत्य प्रकाश के चुनाव हारने से विरोधियों का कलेजा ठंडा हो गया ।

➤➤कलाई खुलना – (कमजोरी का पता लगना) – मनोज कक्षा में नकल करता पकड़ा गया , उससे उसके चरित्र की कलई खुल गई ।

➤➤ कान भरना – (चुगली करना) – पापा के कान भरकर रोहन ने पप्पू को पिटवा दिया ।

➤➤कलेजे का टुकड़ा – (बहुत प्रिय) – करीना अपनी माता जी के कलेजे का टुकड़ा है ।

➤➤किस्मत ठोकना – (पछताना) – नालायक संतान होने पर माता पिता को सदैव अपनी किस्मत ठोकनी पडती है ।

क से शुरू मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

➤➤काठ का उल्लू – (मूर्ख होना) – दिनेश से बात करना बिलकुल बेकार है वह तो निरा काठ का उल्लू है ।

➤➤कटक बनना – (बाधक होना) – तुम मेरे हर काम में कटक क्यूँ बन गये हो ।

➤➤ककड़ी खीरा समझना – (महत्वहीन समझना) – वे गरीब हैं पर आदमी हैं उन्हें तुम ककड़ी खीरा मत समझा करो ।

➤➤कफन सिर से बंधना – (खतरे की परवाह न करना) – भरतीय सेना अपने सिर पर कफन बांध कर देश की रक्षा करती है ।

➤➤कमर कसना – (तैयार होना) – अगर खेल में जितना है तो अपनी कमर कस लो ।

➤➤कमर टूटना – (कमजोर होना) – युद्ध में हार होते देख पाकिस्तानी सेना की कमर ही टूट गयी ।

➤➤कलेजा चीरकर दिखाना – (भरोसा देना) – मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ यह मैं कलेजा चीरकर दिखा सकता हूँ ।

क से शुरू मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

➤➤कलेजा टूक-टूक होना – (दुःख होना) – कैकयी की बात सुनकर महाराज दशरथ का कलेजा टूक-टूक हो गया ।

➤➤कलेजे पर साँप लोटना – (ईर्षा होना) – मेरी तरक्की देखकर तुम्हारे कलेजे पर साँप लोट रहे हैं ।

➤➤काठ की हांड़ी – (अस्थायी चीज) – इस बार तुम्हारी योजना सफल हो गई लेकिन काठ की हांड़ी बार-बार चूल्हे पर नहीं चढती ।

➤➤कान एंठना – (सुधरने की शपथ लेना) – मैं अपने कान ऐंठता हूँ की अब से ऐसे काम नहीं करूंगा ।

➤➤कान पर जूं न रेंगना – (ध्यान न देना) – मैं तुम्हें इतनी देर से समझा रहा हूँ लेकिन तुम्हारे कान पर तो जूं ही नहीं रेंग रही है ।

➤➤काम आना – (वीरगति प्राप्त होना) – नेप्फा की लड़ाई में चीनी सैनिक बहुत काम आये ।

➤➤काम तमाम करना – (मार देना) – शिवाजी ने अपनी तलवार से अफजल खां का काम तमाम क्र दिया ।

➤➤कीचड़ उछालना – (बदनाम करना) – अच्छे आदमियों पर कीचड़ उछालना अच्छी बात नहीं है ।

क से शुरू मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

➤➤कील काँटे से दुरुस्त होना – (अच्छी तरह तैयार होना) – आज में अपना काम पूरा करके रहूँगा क्योकि आज में कील काँटे से दुरुस्त होकर आया हूँ ।

➤➤कुएँ में भाँग पड़ना – (सबकी बुद्धि मारी जाना) – हम लोग किस-किस को समझाएं यहाँ पर यहाँ तो कुएं में ही भाँग पड़ी है ।

➤➤कुत्ते की मौत मरना – (बुरी तरह मरना) – अगर तुम इसी तरह व्यवहार करोगे तो कुत्ते की मौत मरोगे ।

➤➤कुम्हड़े की बतिया – (कमजोर आदमी) – सुरेश ने रमेश को कुम्हड़े की बतिया समझा है जो उसे धमकाता रहता है ।

➤➤कुहराम मचाना – (बहुत रोना) – विश्वनाथ की मौत की खबर आते ही उनके घर में कुहराम मच गया ।

➤➤कौड़ी का तीन होना – (कम दाम का होना) – तुम्हारे जैसे आवारा के साथ रहकर वह भी कौड़ी का तीन हो गया ।

➤➤कंठ का हार होना – (बहुत प्रिय होना) – सुनीता अपने माँ-बाप के लिए कंठ का हार है ।

क से शुरू मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

➤➤कंगाली में आटा गीला होना – (गरीबी में हानि होना) – एक तो हम पहले से ही गरीब हैं अब और फसल के दाम नहीं मिले यह तो कंगाली में आटा गीला होने वाली बात हो गई है ।

➤➤कंधे से कंधा मिलाना – (साथ देना) – युद्ध में जवान कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं ।

➤➤कच्चा-चिटठा खोलना – (रहस्य खोलना) – सुरेश ने कान्हा का सारा कच्चा – चिटठा खोल दिया ।

➤➤कच्ची गोली खेलना – (कम अनुभवी होना) – अभी तुम ज्यादा समझदार नहीं हो ये कच्ची गोली खेलना बंद कर दो ।

➤➤कटी पतंग होना – (निराश्रित होना) – उसकी तो कटी पतंग है जिधर राह दिखेगी उधर चल देगा ।

➤➤कठपुतली होना – (इशारों पर चलना) – तुम तो अजीत के हाथ की कठपुतली हो वह जैसा कहेगा तुम वैसा करोगे ।

➤➤कढ़ी का सा उबाल – (मामूली जोश) – तुम्हारा क्रोध ऐसा है जैसे कढ़ी में उबाल होता है ।

क से शुरू मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

➤➤कलेजा छलनी होना – (बहुत दुःखी होना) – अपनी बहन द्वारा ऐसी बातें सुनकर उसका कलेजा छलनी हो गया ।

➤➤ कागज काले करना – (व्यर्थ लिखना) -तुम पढाई में ध्यान दो व्यर्थ कागज काले करने छोड़ दो ।

➤➤कान मेँ फूँक मारना – (प्रभावित करना) – हमने उनके कान में फुक मारा तो वे हमारी बात को समझ गये ।

➤➤काया पलट होना – (बिल्कुल बदल जाना) – पहले वे क्या थे और अब तो उनकी काया ही पलट हो गई ।

➤➤कालिख पोतना – (बदनाम करना) – बिना बात के किसी पर कालिख मत पोता करो ।

➤➤कंचन बरसना – (जगह से धन मिलना) – शादी में तो एक बार कंचन जरुर बरसता है ।

➤➤काट खाना – (अकेलेपन का अहसास होना) – अब घर का ये सूनापन काटने को दौड़ता है ।

➤➤कलम तोडना – (सुंदर लिखना) – जयशंकर प्रसाद ने कामयनी लिखने में कलम तोड़ दी थी ।

ख – ग तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

खून का प्यासा – (कट्टर शत्रु) – बदले की भावना मनुष्य को खून का प्यासा बना देती है । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤खाक छानना – (मारा – मारा फिरना) – बेरोजगारी होने के कारण पढ़े-लिखे भी खाक छानते फिरते हैं ।

➤➤खबर लेना – (दंड देना) – सोनू तुम्हारी बहुत शिकायत आ रही है मैं तुम्हारी खबर लूँगा ।

➤➤खाक उड़ाते फिरना – (भटकना) – अपनी सारी सम्पत्ति बर्बाद करने के बाद अब वह खाक छानते फिरता है ।

➤➤खाक में मिल जाना – (नष्ट हो जाना) – अगर भगवान की बुराई करोगे तो खाक में मिल जाओगे ।

➤➤खिलखिला पड़ना – (खुश हो जाना) – खिलोने देने से सभी बच्चे खिलखिला उठते हैं ।

➤➤खुशामदी टटूट होना – (चापलूस होना) – तुम्हारा क्या है तुम तो खुशामदी टटूट हो किसी न किसी तरह अपना काम बना ही लोगे ।

➤➤खून की नदी बहाना – (मार-काट होना) – जब भी युद्ध होता तब तब खून की नदियाँ भ जाती हैं ।

➤➤खून खौलना – (क्रोधित होना) – जब द्रौपदी का अपमान हुआ था तब भीम का खून खौलने लगा था ।

ख – ग तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

➤➤खेत आना – (लड़ाई में मारा जाना) – 1971 के युद्ध में पाकिस्तानी सेना के हजारो सैनिक खेत आये ।

➤➤ख्याली पुलाव पकाना – (असंभव बातें सोचना) – कुछ काम भी करना है या बस ख्याली पुलाव ही पकाओगे ।

➤➤खटाई मेँ पड़ना – (टल जाना) – आज यह काम नहीं होगा यह काम तो अब खटाई में ही पड़ेगा ।

➤➤ खालाजी का घर – (आसन काम) – यह काम तो मेरे लिए खाला जी के घर के बराबर है ।

➤➤खिचड़ी पकाना – (गुप्त रूप से षड्यंत्र रचना) – मुझे आखिर समझ नहीं आता की इन दोनों में क्या खिचड़ी पक रही है ।

➤➤ खून का घूँट पीना – (क्रोध को अंदर ही अंदर सहना) – उसने इतनी जली कटी सुनाई लेकिन वह तो खून का घूंट पीकर रह गया ।

➤➤खून सूखना – (डर जाना) – भूत को देखते ही उसका खून सूख गया ।

➤➤खून सफेद हो जाना – (दया न रह जाना) – उसका अब खून सफेद हो गया है वह अब तुम्हारी जज्बाती बातों को समझ नहीं पाएगा ।

ग से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤गड़े मुर्दे उखाड़ना – (पुरानी बातें याद करना) – मेरी दीदीजी हर बात में गड़े मुर्दे उखाड़ने लगती हैं ।

➤➤गागर में सागर भरना – (कम शब्दों में अधिक कहना) – स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमन्त्री जी का भाषण गागर में सागर था ।

➤➤गुदड़ी का लाल – (गरीब परिवार में जन्मा गुणी व्यक्ति) – लालबहादुर शास्त्री गुदड़ी के लाल थे ।

➤➤गड्ढे खोदना – (शाजिस करना) – जो लोग दूसरों के लिए गड्ढे खोदते हैं वो उसमें खुद गिरते हैं ।

➤➤गहरी छनना – (पक्की दोस्ती होना) – इन दोनों राम और श्याम में गहरी छन रही है ।

➤➤गांठ बंधना – (याद रखना) – पिताजी की बात गांठ बांध लो नहीं तो बादमें बहुत पछताओगे ।

➤➤गिरगिट की तरह रंग बदलना – (जल्दी विचार बदलना) – लक्ष्मण की बात का क्या भरोषा वह तो गिरगिट की तरह रंग बदलता है ।

➤➤गुड गोबर करना – (बना हुआ काम बिगाड़ देना) – मैने उसे बहुत समझकर तैयार किया था लेकिन तुमने सारा गुड गोबर कर दिया ।

➤➤गुल खिलाना – (अनोखे काम करना) – तुमने एन मौके पर ऐसा गुल खिला दिया ।

➤➤गाजर मूली समझना – (छोटा समझना) – हम अपने दुश्मनों को गाजर मूली समझते हैं ।

➤➤गोटी लाल होना – (लाभ होना) – तुम्हे क्या फर्क पड़ता है तुम्हारी गोटी तो लाल हो रही है ना ।

➤➤गोली मरना – (उपेक्षा से त्याग देना) – बेकार की बातों को गोली मारो और अपने कम पर ध्यान दो ।

ग से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤गोलमाल करना – (गडबड करना) – कुछ लोग आफिस में कई दीनों से गोलमाल क्र रहे थे आज वो पकड़े गये ।

➤➤गंगा नहाना – (बड़ा कार्य करना) – मेरी बेटी की शदी हो गई है मानो मैंने तो गंगा नहा ली है ।

➤➤गत बनाना – (पीटना) – सुरेश अब तो लखन को गत बनाना बंद करो ।

➤➤गर्दन उठाना – (विरोध करना) – तुम हर फैसले पर गर्दन मत उठाया करो यह अच्छी बात नहीं है ।

➤➤गले का हार – (बहुत प्रिय) – सोहन अपने माँ-बाप के गले का हार है ।

➤➤गर्दन पर सवार होना – (पीछे पड़ना) – सोनू तो आज मेरी गर्दन पर सवार होकर ही रहेगा ।

➤➤गज भर की छाती होना – (बहादुर होना) – उस वीर योद्धा को तो देखो उसकी गज भर की छाती है ।

➤➤गाल बजाना – (डींग मरना) – सुमन को देखो वह तो अपने घर वालों के बारे में हमेशा गाल बजती रहती है ।

ग से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤गीदड़ धमकी – (दिखावटी धमकी देना) – तुम पर लड़ना नहीं आता ये गीदड़ धमकी किसी और को देना ।

➤➤गूलर का फूल – (दुर्लभ व्यक्ति) – तुम उससे क्या लड़ोगे वह तो बिचारा गूलर का फूल है ।

➤➤गेंहूँ के साथ घुन पिसना – (दोषी के साथ निर्दोष पर भी समस्या आना) – जब उसका साथ रहेगा तो गेंहूँ के साथ घुन तो पिसना ही था ।

➤➤गोबर गणेश – (मूर्ख होना) – तुम उसे कुछ नहीं समझा सकते वह तो गोबर गणेश है ।

➤➤गर्दन झुकाना – (लज्जित होना) – मेरे सामने आते ही उसकी गर्दन झुक गई ।

➤➤गर्दन पर छुरी फेरना – (अत्याचार करना) – तुम उस बेकसूर के गर्दन पर छुरी मत फेरों ऐसा करने से कोई लाभ नहीं होगा ।

➤➤गला घोंटना – (दुःख देना) – आजकल तो सरकार भी गरीबों का गला घोट रही है ।

➤➤गला फँसाना – (बंधन में पड़ना) – दूसरों के मामले में हमे कभी गला नहीं फँसाना चाहिए ।

➤➤गले मढना – (जबरदस्ती काम करवाना) – इस बेवकूफ को भगवान ने मेरे गले क्यूँ मढ़ दिया ।

➤➤गुलछर्रे उड़ाना – (मौज करना) – तुम किसी और की सम्पत्ति पर गुलछर्रे कैसे उदा सकते हो ।

घ – च तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित 

घड़ों पानी पड़ना – (बहुत लज्जित होना) – बड़े भाई के रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने पर उस घड़ों पानी पद गये । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤घोड़े बेचकर सोना – (निशिंचित होना) – बेटी तो ब्याह दी अब क्या , घोड़े बेचकर सोओं ।

➤➤ घी के दिए जलाना – (खुशी मनाना )- श्री रामचन्द्र जी ने जब अयोध्या में प्रवेश किया तो जनता ने घी के दिए जलाकर उनका स्वागत किया ।

➤➤घर का न घाट का – (बेकार) – अभी की नौकरी तो छूटी उसके माँ-बाप ने भी घर से निकाल दिया वह तो न घर का रहा न घाट का ।

➤➤घाट का पानी पीना – (अनुभवी होना) – तुम उसे जानते नहीं हो वह तुम्हे पहचान लेगा उसने तो घाट-घाट का पानी पिया है ।

➤➤घुटना टेक देना – (हार मानना) – भरतीय लोगों ने विदेशियों को इतना सताया की उन्होंने अपने घुटने टेक दिए ।

➤➤घुला-घुला कर मरना – (सताकर मारना) – रामू ने अपने दोस्त को घुला-घुला कर मारा ।

➤➤घर सिर पर उठाना – (बहुत शोर मचाना) – बच्चों ने तो घर सिर पर उठा लिया था ।

च से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤चुल्लू भर पानी में डूब मरना – (लज्जित होना) – अपनी माता जी को गाली देने के अपराध में उसे चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए ।

➤➤चिकना घडा होना – (बेशर्म होना) – भावना को चाहे जितना भी डाटो , परन्तु वह तो चिकना घडा है ।

➤➤चार चाँद लगाना – (शोभा बढ़ाना) – मेरे मित्रों के उत्सव में शामिल होने से उत्सव में चार चाँद लग गए ।

➤➤चकमा देना – (धोखा देना) – ठग दुकानदार को चकमा देकर हार उठाकर ले गए ।

➤➤चंगुल में आना – (वश में आना) – जब वो मेरे चंगुल में फस जायेगा तब में उसे देखूंगा ।

➤➤चण्डाल चौकड़ी – (बुरे लोगों का समूह) – उसे अपनी चण्डाल चौकड़ी में ही मजा आता है वह घर क्यूँ आएगा ।

➤➤चक्कर में आना – (धोखा खाना) – मेरी मत मरी गई थी जो मैं उसके चक्कर में आ गया

➤➤चाँदी काटना – (बहुत पैसे कमाना) – खेती में वे खूब चाँदी कट रहे हैं ।

➤➤चप्पा-चप्पा छान मारना – (सब जगह ढूँढना) – सब लोग चप्पा-चप्पा छान मरो राम कहीं न कहीं तो मिलेगा ।

➤➤चाँदी होना – (लाभ होना) – अगर हमारा काम चल गया तो हमारी चाँदी ही चाँदी है ।

➤➤चादर तान कर सोना – (बेफिकर होकर सोना) – मेरा सारा बोझ उतर गया अब तो मैं चादर तान कर सोऊंगा ।

च से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤चार चाँद लगाना – (शोभा बढ़ाना) – मेरी शादी में आकर तुमने चार चाँद लगा दिए ।

➤➤चार दिन की चांदनी – (थोडा सुख) – भाई तुम इतना घमंड मत करो यह तो चार दिन की चांदनी है ।

➤➤चुटिया हाथ में होना – (काबू में होना) – तुम उससे क्या कहोगे उसकी तो चुटिया किसी के हाथ में है ।

➤➤चूड़ियाँ पहनना – (औरतों की तरह कायर होना) – तुम तो कायर हो तुम्हे चूड़ियाँ पहन लेनी चाहिएँ ।

➤➤चहरे पर हवाईयाँ उड़ना – (घबरा जाना) – जब मुझे किसी की परछाई दिखी तो मेरे चहरे की हवाईयाँ उड़ गयीं ।

➤➤चैन की बंशी बजाना – (सुखी रहना) – वह तो बेचारा अपनी चैन की बंशी बजा रहा है ।

➤➤चोली दामन का साथ – (घनिष्ठ रिश्ता) – उन दोनों का साथ तो ऐसा मानो जैसे चोली दामन का साथ हो ।

➤➤चौदहवी का चाँद – (सुंदर होना) – उस लडकी को तो देखो मानो चौदहवी का चाँद हो ।

➤➤चंपत होना – (भागना) – चोर पुलिस को देखते ही न जाने कहाँ चंपत हो गया ।

➤➤चौकड़ी भरना – (छलाँगें लगाना) – हिरन चौकड़ी भरते ही कहाँ से कहाँ पहुंच जाते हैं ।

➤➤चैपट करना – (पूरी तरह नष्ट करना) – उसने तो मेरा बना बनाया काम चैपट क्र दिया ।

छ – ज तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित 

➤➤छक्के छुड़ाना – (हिम्मत तोडना) – अंग्रेजी का प्रश्न पत्र इतना कठिन आया था कि अच्छे-अच्छे विद्यार्थियों के छक्के छूट गए । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤छठी का दूध याद आना – (बहुत कष्ट होना) – चार किलोमीटर तक पैदल चलने में दीनानाथ को छठी का दूध याद आ गया ।

➤➤छाती पर मूंग दलना – (किसी से दुःख की बात कहना) – पता नहीं तुम यहाँ से कब जाओगी तुम मेरी छाती पर मूंग दलती रहूंगी ।

➤➤छाती पर साँप लोटना – (जलन होना) – दूसरे की तरक्की देखकर तुम्हारी छाती पर साँप लोटते हैं ।

➤➤छान बीन करना – (जाँच पड़ताल करना) – छान बीन करने पर भी पुलिस वालों को चारी का कोई सुराग नहीं मिला ।

➤➤छीछालेदर करना – (बुरा हाल करना) – आज मोदी जी ने नेताओं की खूब छीछालेदर की ।

➤➤छू मंतर होना – (भाग जाना) – बड़े भाई को देखते ही श्याम छू मंतर हो गया ।

➤➤छप्पर फाड़ कर देना – (बहुत लाभ होना) – जब भी भगवन देता है छप्पर फाड़ के देता है ।

➤➤छाती पर पत्थर रखना – (चुपचाप दुख सहना) – उसने अपनी छाती पर पत्थर रखकर सारे दुखों को शं किया है ।

➤➤छाती ठोकना – (उत्साहित होना) – जब उसे नई साईकल मिली तो वह खुशी से छाती पीटने लगा ।

ज से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤जड़ उखाड़ना – (पूर्ण रूप से नष्ट कर देना) – भारतियों ने विदेशी लोगों की भारत से जड़ उखाड़ दी ।

➤➤जबानी जमा खर्च करना – (काम करने की जगह बातें करना) – बस जबानी जमा खर्च मत करो कुछ काम भी कर लिया करो ।

➤➤जमीन आसमान एक करना – (बहुत परिश्रम करना) – फसल अच्छी उगने के लिए सानों ने जमीन आसमान एक कर दिया ।

➤➤जमीन पर नाक रगड़ना – (माफ़ी माँगना) – मुकेश ने सुमेश के समने अपनी नाक जमीन पर रगड़ी ।

➤➤जली कटी सुनाना – (बेयिजती करना) – सुमेश ने अपने छोटे भाई को बहुत जली कटी सुनाई ।

➤➤जी नहीं भरना – (संतोष न होना) – तुम्हे इतना कुछ मिला है तब भी तुम्हारा जी नहीं भर रहा है ।

➤➤जी भर आना – (दया आना) – दुखियों को देखकर जिसका जी भर आये वही सच्चा इन्सान है ।

ज से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤जीती मक्खी निगलना – (बिलकुल बेईमान होना) – वह तो जीती मक्खी को भी निगल जाता है और किसी को पता भी नहीं लगने देता ।

➤➤जीवन दान बनना – (जीवनरक्षा करना) – डॉक्टरों की दवा रोगियों के लिए जीवनदान बन गई है ।

➤➤जूतियाँ सीधी करना – (खुशामद करना) – अगर तुम्हे उन से अपना काम करवाना है तो उनकी जूतियाँ सीधी किया करो ।

➤➤जोर लगाना – (बल लगाना) – रावण ने बहुत जोर लगाया पर शिव धनुष को हिला न सका ।

➤➤जंगल में मंगल करना – (उजाड़ में चहल-पहल होना) – तुम उनकी चिंता मत करो उन्हें जंगल में मंगल करना आता है ।

➤➤जलती आग में कूदना – (खतरे में पड़ना) – उनका क्या है उन्हें तो जलती आग में कूदने की आदत है ।

ज से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤जबान पर चढना – (याद आना) – अचानक से उसकी जुबान पर करीना का नाम आ गया ।

➤➤जबान में लगाम न होना – (बिना वजह बोलते जाना) – तुम उससे बात मत किया करो उसकी जबान में लगाम नहीं है ।

➤➤जमीन आसमान का फर्क – (बहुत बड़ा अंतर) – सुजाता और सरोज में जमीन आसमान का अंतर है ।

➤➤जहर उगलना – (कडवी बातें करना) – सूरज बातें नहीं कर्ता वह तो जहर उगलता है ।।

➤➤जान पर खेलना – (मुसीबत का काम करना) – सर्कस में एक बच्चे ने अपनी जान पर खेल कर करतब दिखाए ।

➤➤जान हथेली पर रखना – (जिनगी की पपरवाह न करना) – भारतीय सैनिक अपनी जान हथेली पर लेकर घूमते हैं ।

➤➤जी भर जाना – (ऊक जाना) – अब तुम्हारा इस खिलौने से जी भर चूका है ।

➤➤जूतियाँ चटकाना – (मारे-मारे फिरना) – तुम्हे तो जूतियाँ चटकाना है लेकिन हमें तो बहुत काम करना होता है ।

➤➤जूतियाँ चाटना – (चापलूसी करना) – राकेश तो तुम्हारी जूतियाँ चाटता फिरता है ।

➤➤जोड़-तोड़ करना – (उपाय सुझाना) – हम कोई न कोई जोड़ तोड़ करके इस मुसीबत का हल निकाल ही लेंगे ।

झ – ट तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित 

➤➤झक मारना – (विवश होना) – तुम लोगों के पास झक मरने के शिवा कोई काम नहीं है पर हमें तो काम करना पड़ता है । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤झाँसा देना – (धोखा देना) – लक्की ने मुझे झाँसा देकर मेरी किताब हथिया ली ।

➤➤झाड़ फेरना – (मान खत्म करना) – एक नीच व्यक्त ने तुमसे रिश्ता बनाकर तुम्हारी इज्जत पर झाड़ फेर दिया ।

➤➤झाड़ मारना – (डाँटना) – माँ ने थोड़ी सी बात पर उसे झाड़ मार दी ।

➤➤झाड़ू फिराना – (सब बर्बाद करना) – मैंने बड़ी मुश्किल से वो काम किया था पर उसने मेरे बने बनाए काम पर झाड़ू फेर दिया ।

➤➤झोली भरना – (इच्छा से अधिक देना) – उसके पिता ने कन्यादान करते समय उसकी झोली भर दी ।

➤➤झगड़ा मोल लेना – (जानकर झगड़े में पड़ना) – तुम्क्युन झगड़ा मोल लेते हो उनकी तो आदत बन गई है झगड़ा की ।

ट से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤टक्कर लेना – (मुकाबला करना) – भारतीय खिलाडियों का पाकिस्तानी खिलाडियों से टक्कर लेना आसन नहीं था ।

➤➤टाऍ- टाऍ फिस होना – (असफल होना) – उसकी योजना तो अच्छी थी पर वो टाएँ टाएँ फिस हो गई ।

➤➤टाल – मटोल करना – (बहाने बनाना) – अगर तुम्हे मेरे पैसे नहीं देने तो मुझे कह दो टाल – मटोल करके मुझे परेशान मत करो ।

➤➤टूट पड़ना – (हमला करना) – शिवाजी की सेना मुगल सेना पर टूट पड़ी ।

➤➤टांग अडाना – (दखल देना) – तुम लोगों को टांग अड़ाने के सिवा और कोई काम नहीं है ।

➤➤टेढ़ी ऊँगली से घी निकालना – (आसानी से काम न होना) – जब कोई काम सीधे तरीके से न हो तो ऊँगली टेढ़ी करने में ही समझदारी है ।

➤➤टेढ़ी खीर होना – (मुश्किल काम) – कुत्ते की दुम को सीधा करना टेढ़ी खीर के समान है ।

➤➤टोपी उछालना – (अपमान करना) – सुखदेव ने सरे आम जयसिंह की टोपी उछाल दी ।

➤➤टाट उलटना – (आप को गरीब कहना) – उसने सारा लाभ कम कर टाट उलट दिया ।

➤➤टें-टें-पों-पों – (व्यर्थ शोर मचाना) – झगड़ा उन दोनों के बीच है तुम क्यूँ टें-टें-पों-पों मत करो ।

➤➤टुकड़ों पर पलना – (दूसरों के पैसों पर जीना) – लक्ष्मी तो बेचारी दूसरों के टुकड़ों पर पलती है ।

➤➤टेक निभाना – (वादा पूरा करना) – तुम्हे अपना टेक निभाना होगा तुम अब पीछे नहीं हट सकते ।

ठ – ड तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

➤➤ठंढा करना – (शांत करना) – पिता जी गुस्से से उबल रहे थे बड़ी मुश्किल से उन्हें ठंडा किया है । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤ठंडा होना – (शांत होना) – विदेशी सैनिक लक्ष्मीबाई की तलवार से वार खाकर ठंडे पद गये ।

➤➤ठकुर सुहाती करना – (चापलूसी करना) – अफसरों की ठकुर सुहाती करके सेठजी ने बहुत धन कमाया है ।

➤➤ठनठन गोपाल होना – (गरीब होना) – तुम उससे पैसे पाने की आशा क्र रहे हो पर इस समय तो वह खुद ही ठनठन गोपाल हुआ बैठा है ।

ठ – ड तक मुहावरे || और उनका अर्थ

➤➤ठोकर खाना – (हानि सहना) – उसने रामू पर भरोसा किया और उसे ठोकर खानी पड़ी ।

➤➤ठगा सा – (भौंचक्का सा) – जब उसे अपनी हानि के बारे में पता चला तो वह ठगा सा रह गया ।

➤➤ठठेरे-ठठेरे बदला – (समान बुद्धि वाले से काम करना) – मुझे यह काम सुभाष से करवाना था पर ठठेरे-ठठेरे बदला कैसे किया जाये ।

➤➤ठीकरा फोड़ना – (दोष लगाना) – जब उसे उसके बारे में सबकुछ पता चल गया तो वह उसका ठीकरा फोड़ने लगा ।

➤➤ठिकाने आना – (होश में आना) – जब उसे अपनी सचाई पता चली तो उसके होश ठिकाने आ गये ।

ड से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤डकार जाना – (हडप जाना) – सीताराम अपने भाई की सारी सम्पत्ति डकार गया ।

➤➤डींग हाँकना – (बढ़ चढ़ कर कहना) – तुम डींगें हाँकना बंद करो हमें पता है तुम कैसे हो ।

➤➤डोरी ढीली करना – (बिना संभाले काम करना) – तुमसे बिना डोरी ढीली किये कोई काम नहीं होता क्या ।

➤➤डंका बजाना – (घोषणा करना) – उसने नए नियमों का डंका बजा दिया ।

➤➤डोरे डालना – (प्यार में फसाना) – सपना बहुत दीनों से रमेश पर डोरे दाल रही है ।

➤➤डूब मरना – (शर्म से झुकना) – तुमने ऐसा काम किया है की तुम्हे डूब मरना चाहिए ।

 

ढ – त तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित 

➤➤ढाई दिन की बादशाहत – (कम समय का सुख) – यह ढाई दिन की बादशाहत है कभ भी खत्म हो जएगी । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤ढाक के तीन पात – (हमेशा एक जैसा रहना) – मैंने जब भी उसे देखा है ढाक के तीन पात ही पाया है ।

➤➤ढिंढोरा पीटना – (सबको बताना) – उसने हमारी बातें सुन ली हैं वह तो सारे गाँव में ढिंढोरा पीत देगा ।

➤➤ढेर करना – (मार डालना) – बलराम ने अपने विरोधियों को ढेर कर दिया ।

➤➤ढील देना – (अपने वश में न रखना) – तुमने उसे बहुत ढील दे रखी है उसे अपने काबू में रखा करो ।

➤➤ढेर होना – (मर जाना) – अकबर के विरोधी उसके सामने ढेर हो गये ।

➤➤ढपोरशंख होना – (झूठा व्यक्ति) – तुम किशन से कुछ मत कहा करो वह तो ढपोरशंख व्यक्ति है ।

➤➤ढोल में पोल होना – (खाली होना) – उस वस्तु का वजन तो बहुत था पर उसमें था कुछ नहीं यह तो ढोल में पोल वाली बात हो गई ।

त से शुरू होने वाले मुहावरे || मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤तूती बोलना – (प्रभाव जमाना) – आजकल तो आपकी ही तूती बोल रही है ।

➤➤तकदीर चमकाना- (अच्छे दिन आना) – जब से उसे नौकरी मिली है उसकी तो तकदीर ही चमक गई ।

➤➤तख्ता उलटना – (बना हुआ काम बिगड़ना) – इस काम में मैने इतना कमाया था लेकिन तुमने दूसरा सौदा करके मेरा तख्ता उलट दिया ।

➤➤तबीयत फड़क उठना – (मन खुश होना) – पंकज उदास जी की गजलें सुनकर मेरी तो तबीयत ही फड़क उठी ।

➤➤तलवार के घाट उतारना – (मार देना) – श्रवण ने बहुत से द्रोहियों को अपनी तलवार के घाट उतार दिया ।

➤➤तलवे धो कर पीना – (खुशामद करना) – वह अपने मालिक के तलवे धोकर पिता रहा इसीलिए तो उसे आज अपने मालिक की सम्पत्ति में हिस्सा मिला ।

➤➤ताक में रहना – (मौका देखना) – मैं बहुत दिनों से तुम्हारी ताक देख रहा हूँ ।

➤➤ताना मारना – (व्यंग्य करना) – मेरे पिताजी हर छोटी -छोटी बात पर मुझे ताना मरते रहते है ।

➤➤तारे गिनना – (इंतजार करना) – मैं उनके आने तक रात भर तारे गिनता रहा ।

➤➤तारे तोड़ लाना – (असंभव काम करना) – उसने अपनी पत्नी से कहा की वह उसके लिए तारे भी तोड़ कर ला सकता है ।

➤➤तिनके का सहारा – (थोडा सहारा) – हम जैसे गरीबों के लिए तो तिनके का सहारा ही बहुत होता है ।

➤➤तिल का ताड़ कर देना – (बहुत बढ़ा चढ़ाकर कहना) – जितनी बात होती है उतनी ही कहनी चाहिए हमें तिल का ताड नहीं बनाना चाहिए ।

त से शुरू होने वाले मुहावरे || मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤त्राहि-त्राहि करना – (बचाव के लिए गुहार करना) – जब से जमींदार किसानों पर अत्याचार करने लगे हैं तब से किसान त्राहि-त्राहि करने लगे हैं ।

➤➤तह देना – (दवाई देना) – डॉक्टर ने अपने मरीज को तह दी और मरीज उससे ठीक हो गया ।

➤➤तह -पर-तह देना – (खूब खाना) – कुंभकर्ण को खूब तह पर तह दिया जाता था क्योंकि वह बहुत विशाल था ।

➤➤तरह देना – (ध्यान न रखना) – डॉक्टर अपने मरीजों को तरह नहीं देता था इसलिय मरीज मर गया ।

➤➤तंग करना – (हैरान करना) – लवकेश ने मुझे बहुत तंग क्र दिया है ।

➤➤तंग हाथ होना – (गरीब होना) – आजकल हम कुछ खरीद नहीं सकते क्योंकि इस समय हमारा हाथ तंग है ।

➤➤तेवर बदलना – (क्रोध करना) – उससे कुछ कहना बेकार है उसके तेवर बदलते रहते हैं ।

➤➤तार-तार होना – (बुरी तरह फटना) – उसके सामान से भरे थैले के तार-तार हो गये ।

➤➤तितर – बितर होना – (बिखर जाना) – उसके 6 भाई थे अब सब तितर बितर हो गये है ।

➤➤तिलांजली देना – (त्यागना) – धर्म ने अपनी पत्नी को तिलांजली दे दी ।

थ – द तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित 

➤➤थुड़ी -थुड़ी करना – (धिक्कारना) – उसके नीच कर्म करने पर सभी उसके मुंह पर थुड़ी-थुड़ी कर रहे थे । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤थू थू करना – (लज्जित करना) – तुम्हारे कामों पर सब थू थू करेगे ।

➤➤थूककर चाटना – (वचन से मुकरना) – तुम जैसे आदमी पर कभी भी भरोषा नहीं करना चाहिए तुम तो थूककर चाटने लगते हो ।

➤➤थूक से सत्तू सानना – (बहुत कंजूसी करना) – मोहन से पैसे नहीं मिलेंगे वह तो थूक से सत्तू सानता है ।

थ – द तक मुहावरे || और उनका अर्थ

➤➤थोथी बात होना – (बिना मतलब की बात होना) – पवन से बात करने का कोई फयदा नहीं है उसकी तो थोथी बात होती है ।

➤➤थाली का बैंगन होना – (अस्थिर विचारों वाला) – तुम उससे क्या कहते हो वह तो थाली का बैंगन है कभी इस तरफ तो कभी उस तरफ ।

➤➤थाह लेना – (पता लगाना) – तुम स्यम्सिंह के बारे में थाह लेकर आओ ।

➤➤थैली खोलना – (मन खोलकर खर्च करना) – हमें हमेशा थैली खोलकर खर्च करना चाहिए ।

द से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤दांत खट्टे करना – पराजित करना – महारानी लक्ष्मीबाई ने युद्ध में अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए।

➤➤दम भरना – (विश्वास करना) – वह तो हमेशा अपनी दोस्ती का दम भरता रहता है ।

➤➤दर -दर मारा फिरना – (दुर्दशाग्रस्त घूमना) – पवन ने नौकरी छोड़ दी और अब वह दर-दर मारा फिर रहा है ।

➤➤दलदल में फसना – (मुश्किल में फसना) – वह गैर क़ानूनी कामों के दलदल में फस चूका है अब वह लौट नहीं सकता ।

➤➤दांतकटी रोटी होना – (पक्की दोस्ती होना) – नरेश और रमेश में दांतकटी रोटी जैसा सम्बन्ध है ।

➤➤दांत तोडना – (हराना) – अगर मुझसे कुछ उल्टा सीधा कहा तो मैं तुम्हारे दांत तोड़ दूंगा ।

➤➤दाँतों में तिनका लेना – (अधीनता स्वीकार करना) – वीर शिवाजी के सामने सभी लोक दाँतों में तिनका लेकर प्रस्तुत हुए ।

➤➤दाई से पेट छिपाना – (भेद छिपाना) – उसने मुझे अपना भेद बता ही दिया आखिर कब तक वह दाई से पेट छिपा पाता ।

द से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤दाना पानी उठना – (अन्न जल न मिलना) – जब उसने अपनी नौकरी छोड़ दी तो उसका घर से दाना पानी उठ गया ।

➤➤दाने-दाने को मुंहताज – (खाना न मिलना) – भिखारी दाने-दाने को मुंहताज हो गये हैं ।

➤➤दाल भात का कौर समझना – (बहुत आसान समझना) – यह काम बहुत मुश्किल है कोई दाल भात का कौर नहीं है ।

➤➤दाल में काला होना – (संदेह होना) – वे दोनों छिपकर कुछ बातें क्र रहे हैं जरुर दाल में कुछ काला है ।

➤➤दिन दूना रात चौगुना होना – (तरक्की मिलना) – उसने पैसा कमाने में दिन दूनी रात चौगुनी कर दी ।

➤➤दिल के फफोले फोड़ना – (मन की भडास निकलना) – उनकी अपने घर में तो चलती है नहीं गरीबों पर अपने दिल के फफोले फोड़ते रहते हैं ।

द से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤दिल्ली दूर होना – (लक्ष्य दूर होना) – अभी तो तुम एंटर में पास हुए हो और वकील बनने की सोच रहे हो अभी दिल्ली दूर है ।

➤➤दीन दुनिया भूल जाना – (सुध बुध न रहना) – गौतम बुद्ध ध्यान लगाने में दीन दुनिया को भूल गये ।

➤➤दिया लेकर ढूँढना – (परेशान होकर ढूँढना) – आजकल ईमानदार व्यक्ति दिया लेकर ढूंढने से भी नहीं मिलेंगे ।

➤➤दुनिया की हवा लगना – (सांसारिक अनुभव होना) – जब से उसे दुनिया की हवा लगी है वह हम को भूल गया है ।

➤➤दुम दबाकर भागना – (कायर होना)- युद्ध में पाकिस्तानी सैनिक दुम दबाकर भाग गये ।

➤➤दूध की लाज रखना – (माँ का सम्मान रखना) – पुष्प के बेटे ने उसके दूध की लाज रख ली ।

➤➤दूधो नहाओ पूतो फलो – (धन और संतान मिले) – एक माँ ने अपने बेटे से कहा दूधो नहाओ पूतो फलो ।

➤➤दो दिन का मेहमान – (जल्दी मरनेवाला) – तुम उससे कुछ मत कहना वह तो बेचारा दो दिन का मेहमान है ।

द से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤दो नावों पर पैर रखना – (दो विरोधी काम साथ करना) – सुमेस दो नावों पर सवार होने वाले कभी भी मर सकते हैं ।

➤➤द्रविड़ प्रणायाम करना – (बात को घुमाकर कहना) – रानी हर बात को दूसरों से द्रविड़ प्रणायाम करने को कहती है ।

➤➤दौड़ धूप करना – (बहुत प्रयास करना) – उसने बहुत दौड़ धूप की पर उसे नौकरी नहीं मिली ।

➤➤दिन में तारे दिखाई देना – (घबरा जाना) – जब मैंने उसे मारा तो उसे दिन में तारे दिखाई दे गये ।

➤➤दो-दो हाथ करना – (युद्ध करना) – कृष्ण ने कंस से खा की आओ दो-दो हाथ करते हैं ।

➤➤द्रोपदी का चीर होना – (अनंत होना) – तुम्हारा यह काम तो द्रोपदी का चीर हो गया है ।

➤➤दोनों हाथों में लड्डू होना – (बहुत लाभ होना) – क्या करें उसके तो दोनों हाथों में लड्डू है ।

द से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤दिल छोटा करना – (दुखी होना) – बहन दिल छोटा मत करो तुम्हारा बेटा जल्द ही घर लौट आएगा ।

➤➤दाँत पीसना – (गुस्सा करना) – रामू के पिता जी हमेशा उस पर दांत पिसते रहते हैं ।

➤➤दाँत उखाड़ना – (कड़ा दण्ड देना) – सैनिकों ने उसके सारे दांत उखाड़ दिए लेकिन वह तब भी नहीं माना ।

➤➤दाहिना हाथ होना – (भारोषेवाला व्यक्ति) – नानू अपने मालिक का दाहिना हाथ था लेकिन वह मारा गया ।

➤➤दामन पकड़ना – (सहारा लेना) – राकेश ने सहारा लेने के लिए अपने बड़े भाई का दामन पकड़ लिया ।

➤➤दाव खेलना – (धोखा देना) – शकुनी ने पांडवपुत्रों के खिलाफ दाव खेला और उसमे सफल हो गया ।

➤➤दीदे का पानी ढल जाना – (बेशर्म होना) – हुमायु तो मानो दीदे के पानी ढलने के हैं ।

➤➤दिमाग खाना – (बकवास करना) – नैन्सी मेरा दिमाग मत खाओ मुझे बहुत काम है ।

➤➤दिल बढ़ाना – (साहस भरना) – आजकल लोग किसी के भी दुःख में उसका दिल नहीं बढ़ते है ।

➤➤दिल टूटना – (साहस टूटना) – अपनी प्रेमिका के मर जाने से उसका दिल बिलकुल टूट गया ।

➤➤दुकान बढ़ाना – (दुकान बंद करना) – मेरे पिताजी ने कहा की दुकान को बढ़ा क्र घर आ जाना ।

➤➤दिल दरिया होना – (उदार होना) – क्या करें बिचारे का दिल दरिया था इसलिय पिघल गया ।

ध – न तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित 

➤➤धक्का लगाना – (दुःख होना) – आजकल किसानों का फसल में बहुत धक्का लगता है । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤धज्जियाँ उड़ाना – (दोष दिखाना) – शशि ने धोखेबाज की धज्जियाँ उदा दी ।

➤➤धता बताना – (टाल देना) – मैंने नेता जी से सहायता मांगी तो उन्होंने मुझे धता बता दिया ।

➤➤धरना देना – (सत्याग्रह करना) – आन्दोलनकारियों ने मंत्रीजी के खिलाफ धरना दे दिया ।

➤➤धुएँ के बादल उड़ाना – (भरी गप्पे मारना) – उसका कभी भी विश्वास मत करना वह तो धुएँ के बादल उड़ाने में बहुत माहिर
है ।

➤➤धूप में बाल सफेद करना – (अनुभवहीन होना) – तुम्हे इस उम्र में इन सब बातों के बारे में नहीं पता है तो तुमने धूप में अपने बाल सफेद किये हैं ।

➤➤धुल फांकना – (मारा मारा फिरना) – रवि को पढने लिखने का काम तो है नहीं और धुल फांकता फिरता है ।

➤➤धुल में मिलना – (बर्बाद होना) – अपने से ताकतवर से लड़ाई करोगे तो धुल में मिल जाओगे ।

➤➤धोती ढीली होना – (डर जाना) – शेर को देखते ही लोगों की धोती ढीली हो गई ।

➤➤धोबी का कुत्ता – (बेकार आदमी) – उस आदमी की मुझसे मत पूछो वह तो धोबी का कुत्ता है कोई काम ही नहीं करता ।

➤➤धाक जमाना – (रॉब जमाना) – सुखदेव सब जगह अपनी धाक जमता फिरता है ।

➤➤धरती पर पाँव न रखना – (अभिमानी होना) – उसका बेटा विदेश से आया है इस वजह से वो धरती पर पाँव ही नही रख रहा है ।

➤➤धुआँ सा मुंह होना – (लज्जित होना) – जब वह फ़ैल हो गया तब वह धुआँ सा मुंह लेकर रह गया ।

न से शुरू होने वाले मुहावरे || मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤नमक मिर्च लगाना – (बढ़ा-चढ़ाकर कहना) – चुगलखोर व्यक्ति हमेशा नमक मिर्च लगाकर बातें करते हैं ।

➤➤नाक रगड़ना – (भूल स्वीकार करके क्षमा माँगना) – इन्सान को कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे उसे दूसरों के सामने नाक रगडनी पड़े ।

➤➤नौ दो ग्यारह होना- (भाग जाना) – पुलिस को देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गये ।

➤➤नजर पर चढना – (पसंद आना) – रमेश की नजर मेरा पैन चढ़ गया इसलिए उसने मुझसे छीन लिया ।

➤➤नाक कट जाना – (इज्जत जाना) – तुम्हारे चोरी करते पकड़े जाने की वजह से हमारे खानदान की तो नाक ही कट गई ।

➤➤नाक का बाल होना – (प्रिय होना) – बीरबल बहुत चतुर थे इसीलिए वो अकबर की नाक के बाल हो गये ।

➤➤नीचा दिखाना – (अपमानित करना) – वह बहुत बोलता था एक न एक दिन उसे नीचा तो देखना ही था ।

➤➤नीला -पीला होना – (गुस्सा होना) – उसकी छोटी सी बात पर उसके पिताजी नील-पीले हो गये ।

➤➤नाच नचाना – (तंग करना) – वह उसे अपनी उँगलियों पर नाच नचाने लगा है ।

➤➤नुक्ताचीनी करना – (दोष निकालना) – तुम हर बात में नुक्ताचीनी मत किया करो बहुत मुश्किल से खाना मिलता है ।

➤➤नजर चुराना – (आँखें चुराना) – तुम मुझे कुछ नहीं बताते हो आजकल मुझसे नजर चुराने लगे हो ।

➤➤नमक अदा करना – (फर्ज निभाना) – उसने उस घर का नमक खाया है अब नमक तो अदा करना ही पड़ेगा ।

➤➤नशा उतरना – (घमंड उतरना) – शिक्षा ने उसे उसकी सच्चाई बताकर उसका नशा उतर दिया ।

प से शुरू मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित 

➤➤पंचतत्व को प्राप्त करना – (मर जाना) – सुमन मरकर पंचत्व को प्राप्त हो गई । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤पगड़ी उछालना – (लज्जित करना) – शादी के मंडप में शर्त पूरी न होने पर लडके के पिता ने लडकी के पिता की पगड़ी उछाल दी ।

➤➤पगड़ी रखना – (मर्यादा की रक्षा करना) – आजकल की लडकियाँ पगड़ी रखना ही पसंद नहीं करती हैं ।

➤➤पत्थर की लकीर – (स्थायी) – युद्धिष्ठिर की बात को पत्थर की लकीर माना जाता था ।

➤➤पत्थर से सिर फोड़ना – (असंभव के लिए कोशिश करना) – पत्थर से सिर फोड़ने से कुछ प्राप्त नहीं होगा जो कुछ हो सकता है वो करो ।

➤➤पहाड़ से टक्कर लेना – (अपने से बलवान से लड़ना) – तुम बलराम से लड़ाई करने के खाब मत देखो पहाड़ से टक्कर लेना आसान बात नहीं है ।

प से शुरू मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित 

➤➤पाँव उखड़ जाना – (हार जाना) – पाकिस्तानी सेना के पाँव जंग से उखड़ गये ।

➤➤पाँव फूंक फूंक कर रखना – (सोचकर काम करना) – आज की सरकार पाँव फूक फूककर रखती है ।

➤➤पजामे से बाहर होना – (आपे से बाहर होना) – वह सच बात सुनकर आपे से बाहर हो गया ।

➤➤पानी की तरह पैसा बहाना – (अन्धाधुन्ध खर्च करना) – सीमा कुछ नहीं सोचती वह तो पानी की तरह पैसा बहती है ।

➤➤पानी में आग लगाना – (असंभव को संभव करना) – सुधा ने कहा की मैं पानी में आग लगा सकती हूँ ।

➤➤पिल पड़ना – (पूरी जान से लगना) – वह जिस काम को कर्ता है उसके पिल पड़ गये ।

➤➤पीठ ठोंकना – (शाबाशी देना) – जब शिवानी पास हो गई तो उसके अध्यापक ने उसकी पीठ ठोकी ।

➤➤पीठ दिखाना – (भाग जाना) – दुर्योधन युद्ध में पीठ दिखाकर भाग गया ।

प से शुरू मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित 

➤➤पेट में चूहे दौड़ना – (जोरों की भूख लगना) – आज मुझे खाना न मिलने की वजह से मेरे पेट में चूहे दौड़ रहे हैं ।

➤➤पौ बारह होना – (लाभ का अवसर मिलाना) – जैसे ही वह अपने आफिस आया तो उसके पौ बढ़ हो गये ।

➤➤प्राण मुंह को आना – (बहुत दुःख होना) – उसकी हालत को देखकर मेरे तो प्राण मुंह को आ गये ।

➤➤प्राणों से हाथ धोना – (म्रत्यु को प्राप्त होना) – अभिमन्यु ने चक्रविहू में अपने प्राणों से हाथ धो दिए ।

➤➤प्राण हथेली में लेना – (मरने को तैयार होना) – भारतीय सैनिक अपने प्राणों को हथेली पर लेकर जंग लड़ते हैं ।

➤➤प्राणों की बाजी लगाना – (बहुत साहस करना) – भारतीय सेना ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर युद्ध जीता था ।

➤➤पोल खोलना – (राज प्रकट करना) – सब लोगों ने मिलकर सलमान की पोल खोल दी ।

➤➤पसीना-पसीना होना – (थक जाना) – आज श्याम ने सारा दिन काम किया जिससे वह पसीना पसीना हो गया ।

➤➤पहाड़ टूट पड़ना – (विपदा आना) – उसके इकलौते बेटे की मौत से उस पर तो दुखों का फाड़ टूट पड़ा ।

प से शुरू मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित 

➤➤पाँचों उँगलियाँ घी में होना – (सब जगह से लाभ होना) – सरकार को गरीब की परवाह क्यूँ होगी उनकी तो पाँचों उँगलियाँ घी में होती है ।

➤➤पानी फेर देना – (निराश कर देना) – मैंने इतनी मुश्किल से लोगों को तुम्हारी नौकरी के लिए राजी किया था लेकिन तुमने सारे किये कराये पर पानी फेर दिया ।

➤➤पानी पी पीकर कोसना – (गलियां देते जाना) – मैंने उसे जरा सा कुछ कह क्या दिया वह तो मुझे पानी पी पीकर कोसने ही लगा ।

➤➤पापड़ बेलना – (व्यथ जीवन बिताना) – सरकारी नौकरी पाने के लिए बहुत पापड़ बेलने पड़ते है ।

➤➤पेट बाँधकर रहना – (भूखे रहना) – वह अपने बच्चों को खिलने के लिए खुद पेट बाँधकर रह रहा है ।

➤➤पट्टी पढ़ाना – (बुरी सीख देना) – उर्मिला सब बच्चों को उल्टी पट्टी पढ़ती रहती है ।

➤➤पाकेट गर्म करना – (रिश्वत देना) – आजकल लोग अफसरों की पाकेट गर्म करके अपना काम करवा लेते हैं ।

➤➤पहलू बचाना – (कतराना) – जब मैंने उसे देख लिया तो वह पहलु बचाकर निकल दिया ।

➤➤पते की कहना – (रहस्य की बात कहना) – एरेगोन ने तो जैसे मेरे पते की बात ख दी ।

➤➤पानी का बुलबुला – (क्षणभंगुर वस्तु होना) – वह तो पानी का बुलबुला है न जाने कब फूट जाये ।

➤➤पानी देना – (सींचना) – मैंने इस पेड़ को बहुत ही प्यार से पानी देकर बड़ा किया है ।

फ – ब तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

➤➤फंदे में पड़ना – (धोखा खाना) – झगड़ा किसी और का था लेकिन फंदे में वह पड़ गया । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤फटेहाल होना – (बुरी हालत होना) – आजकल लोग गरीबी की वजह से फटेहाल हो गये है ।

➤➤फूंक से पहाड़ उड़ाना – (कम शक्ति से बड़ा काम होना) – तुम फूंक से पहाड़ उड़ने की बात मत करो यह तुम्हारे बस की बात नहीं है ।

➤➤फूटी आँखों न भाना – (अप्रिय होना) – सुप्रिया को अपना सौतेला बेटा फूटी आँख नहीं भाता है ।

➤➤फेर में डालना – (मुश्किल में डालना) – उसने किसी एक का चुनाव करने की कहकर मुझे फेर में दाल दिया ।

➤➤फूलकर कुप्पा होना – (खुशी से इतराना) – जब वह अपने बचपन के दोस्त से मिला तो वह फूलकर कुप्पा हो गया ।

➤➤फट पड़ना – (एकदम से गुस्सा आना) – जगमोहन एकदम से गुस्से से फट पड़ा ।

➤➤फूंक फूंक क्र कदम रखना – (सावधानी देखना) – आजकल के लोग फूंक फूंककर कदम रखते हैं ।

➤➤फूलना-फलना -(धन और कुल होना) – एक माँ ने अपने बेटे से आशीर्वाद देते समय कहा की फूलो – फ्लो ।

➤➤फफोले फोड़ना – (वैर होना) – उसकी मुझसे दुश्मनी है इसलिए मैं उसके हमेशा फफोले फोड़ता रहता हूँ ।

➤➤फब्तियां कसना – (ताना मारना) – जब सिक्षा कक्षा में फेल हो गई तब उसके पिता ने उस पर खूब फब्तियां कसीं ।

➤➤फूल झड़ना – (मीठा बोलना) – जब शशि बोलती हैतो ऐसा लगता है जैसे फूल झड़ रहे हो ।

ब से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤बगलें झाँकना – (बेइज्जत होकर चारों तरफ देखना ) – जब कर्जा न चुकाने की वजह से वह सब जगह बगलें झाँकने लगा ।

➤➤बट्टा लगाना – (कलंक लगाना) – उसने अपनी परिवार की इज्जत पर बट्टा लगा दिया ।

➤➤बरस पड़ना – (क्रोध से बातें सुनाना) – शिवानी मुझ पर बिना किसी बात के बरस पड़ी ।

➤➤बाग बाग होना – (खूब खुश होना) – जब उसे अपने पास होने की बात का पता चला तो वह बाग बाग हो गया है ।

➤➤बाजी ले जाना – (आगे निकलना) – मिल्खा सिंह ने दौड़ में बाजी ले ली ।

➤➤बात चलाना – (शुरू करना) -आजकल तो मेरी शादी की बातें चल रही हैं ।

➤➤बात काटना -( बीच में बोलना) – छोटों को बड़ों की बात काटना उचित नहीं है ।

➤➤बातों में आना – (धोखा खाना) – तुम लोग सोहन की बातों में आ जाते हो वह तो धोखेबाज है ।

➤➤बीड़ा उठाना – (जिम्मेदारी लेना) – सूर्य पुत्र कर्ण ने अंग देश की प्रजा को आजादी दिलाने का बीड़ा उठाया था ।

➤➤बुखार उतारना – (गुस्सा करना) – सोहन के पिता ने खा की मैं दो मिनट में तेरा बुखार उतार दूंगा ।

➤➤बेडा पार लगाना – (मुसीबत से निकालना) – अब तो भगवान ही हमारा बेडा पर लगा सकते हैं ।

➤➤बल्लियों उछलना – (बहुत खुश होना) – क्रिकट में जितने पर भारत के खिलाडियों ने बल्लियाँ उछाल दी ।

➤➤बाएँ हाथ का खेल – (आसान काम) – तुम लोग इसे बाएँ हाथ का खेल मत समझो यह बहुत मुश्किल काम है ।

➤➤बाँछे खिल जाना – (बहुत खुश होना) – पवन को देखते ही उसके तो बाँछे खिल गये ।

ब – भ तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

➤➤बगलें झाँकना – (बेइज्जत होकर चारों तरफ देखना ) – जब कर्जा न चुकाने की वजह से वह सब जगह बगलें झाँकने लगा । ब – भ तक मुहावरे

➤➤बट्टा लगाना – (कलंक लगाना) – उसने अपनी परिवार की इज्जत पर बट्टा लगा दिया ।

➤➤बरस पड़ना – (क्रोध से बातें सुनाना) – शिवानी मुझ पर बिना किसी बात के बरस पड़ी ।

➤➤बाग बाग होना – (खूब खुश होना) – जब उसे अपने पास होने की बात का पता चला तो वह बाग बाग हो गया है ।

➤➤बाजी ले जाना – (आगे निकलना) – मिल्खा सिंह ने दौड़ में बाजी ले ली ।

➤➤बात चलाना – (शुरू करना) -आजकल तो मेरी शादी की बातें चल रही हैं ।

➤➤बात काटना -( बीच में बोलना) – छोटों को बड़ों की बात काटना उचित नहीं है ।

➤➤बातों में आना – (धोखा खाना) – तुम लोग सोहन की बातों में आ जाते हो वह तो धोखेबाज है ।

➤➤बीड़ा उठाना – (जिम्मेदारी लेना) – सूर्य पुत्र कर्ण ने अंग देश की प्रजा को आजादी दिलाने का बीड़ा उठाया था ।

ब – भ तक मुहावरे || मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤बुखार उतारना – (गुस्सा करना) – सोहन के पिता ने खा की मैं दो मिनट में तेरा बुखार उतार दूंगा ।

➤➤बेडा पार लगाना – (मुसीबत से निकालना) – अब तो भगवान ही हमारा बेडा पर लगा सकते हैं ।

➤➤बे सिर पैर की बात करना – (बिन मतलब की बात करना) – तुम लोग बेसिर पैर की बातें करना छोड़ो और अपना अपना काम करो ।

➤➤बेवक्त की शहनाई बजाना – (अवसर के खिलाफ काम करना) – वे लोग तो उल्टे हैं बेवक्त की शहनाई बजाते रहते हैं ।

➤➤बोलती बंद करना – (बोलने नहीं देना) – मैंने गलत काम करने के लिए मना किया लेकिन वह नहीं माना तो मैंने उसकी बोलती बंद कर दी ।

➤➤बौछार करना – (अधिक देना) – कन्यादान करते समय लडकी के पिता ने पैसे की बौछार कर दी ।

ब – भ तक मुहावरे || मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤बन्दर घुड़की – (बेकार धमकी देना) – तुम बन्दर घुड़की मत दिया करो तुम से कुछ नहीं होगा ।

➤➤बखिया उधेड़ना – (राज खोलना) – 1921 में महात्मा गाँधी ने अंग्रेजों की बखिया उधेड़ दी ।

➤➤बल्लियों उछलना – (बहुत खुश होना) – क्रिकट में जितने पर भारत के खिलाडियों ने बल्लियाँ उछाल दी ।

➤➤बाएँ हाथ का खेल – (आसान काम) – तुम लोग इसे बाएँ हाथ का खेल मत समझो यह बहुत मुश्किल काम है ।

➤➤बाँछे खिल जाना – (बहुत खुश होना) – पवन को देखते ही उसके तो बाँछे खिल गये ।

➤➤बगुला भगत – (छलने वाला) – भरत की मत पूछो वह उपर से सीधा है लेकिन अंदर से बगुला भगत है ।

भ से शुरू होने वाले मुहावरे || मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤भंडा फूटना – (राज खुलना) -सब लोगों के सामने ही उसका भंडा फूट गया ।

➤➤भानुमती का पिटारा – (अलग अलग चीजों का पात्र) – संग्रहालय को भानुमती का पिटारा माना जाता हैक्योंकि वहाँ पर सभी प्रकार की वस्तुएं मिल जाती हैं ।

➤➤भार उठाना – (उत्तरदायित्व लेना) – वह अपनी बहन का भर उठाकर आजतक उसे पूरा कर रहा है ।

➤➤भार उतारना – (ऋण से मुक्त होना) – उसने ऋण चूका के अपना भर उतार लिया ।

➤➤भूत सवार होना – (बहुत क्रोध आना) – वह किसी की भी बात नहीं सुन रहा है उसके सिर पर तो बहुत सवार है ।

➤➤भौंह चढ़ाना – (गुस्सा आना) – जब उसने विरोधी की बातें सुनी तो उसकी भौंह चढने लगीं ।

➤➤भाड़ झोंकना – (समय बर्बाद करना) – उस पर भाड झोंकने के अलावा और कोई काम नहीं है ।

➤➤भाड़े का टट्टू – (पैसे लेकर काम करने वाला) – पैसों से कितने भी भाड़े के टट्टू खरीदे जा सकते हैं ।

➤➤भीगी बिल्ली बनना – (सहमना) – वह तो दूसरे के सामने भीगी बिल्ली बन जाता है ।

➤➤भरी लगना – (असहय होना) – कमजोर व्यक्ति को जरा सा भर भी ज्यादा लगता है ।

म से शुरू मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित

➤➤मक्खी की तरह निकाल देना – (किसी को काम से अलग कर देना) – जब लोगों को लगा की अब 6 व्यक्तियों की जरूरत नहीं है तो उसने उसे मक्खी की तरह निकाल क्र फेंक दिया । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤मक्खी मारना – (निकम्मा होना) -वह तो बस मक्खी मरता फिरता है उसे कोई और काम आता ही नहीं ।

➤➤मगज खाना – (परेशान करना) – उसने सवाल पूंछ पूंछ क्र मेरा तो मगज ही खा लिया ।

➤➤मुट्ठी गर्म करना – रिश्वत देना -आजकल कोई भी काम बिना मुट्ठी गर्म किये नहीं होता ।

➤➤मुँह में पानी भर आना – (जी ललचाना)- आइसक्रीम देखकर नीता के मुंह में पानी भर आया।

➤➤मजा किरकिरा होना – (रंग में भंग डलना) – जब पुलिस शराब खाने में आ गई तो शराबियों का मजा किरकिरा हो गया।

➤➤मन की मन में रहना – (इच्छा अधूरी रहना) – उसके बेटे की शादी पर उसकी मन में मन रह गई।

➤➤ मन में लड्डू खाना – (व्यर्थ खुश होना) – जब उसे अपनी शादी का पता चला तो उसके मन में लड्डू फूटने लगे।

➤➤मन मैला करना – (अप्रसन्न होना) – जब भी कोई शुभ काम होता है तो न जाने क्यूँ कमल का मन मैला हो जाता है ।

म से शुरू मुहावरे || मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤मशाल लेकर ढूँढना – (अच्छे से ढूँढना) – विराट कोहली जैसा खिलाडी हमें मशाल लेकर ढूंढने पर भी नहीं मिलेगा ।

➤➤माथे पर बल पड़ना – (चहरे पर गुस्सा होना) – कोई भी गलत बात को सुनकर माथे पर बल ले ही आएगा ।

➤➤मारा मारा फिरना – (बुरी तरह घूमना) – जब अर्जुन की नौकरी चली गई तो वह मारा मारा फिरने लगा ।

➤➤मिटटी के मोल बिकना – (सस्ता होना) – सदर बाजार में वस्तुएं मिटटी के मोल बिकती हैं ।

➤➤मिटटी पलीद करना – (बुरी धस करना) – मेरे बने बनाए काम की तुमने मिटटी पलीद कर दी ।

➤➤मुंह की खाना – (लज्जित होना) – दुर्योधन जब हार गया तो उसे बुरी तरह मुंह की खानी पड़ी थी ।

➤➤मुंह काला करना – (बदनामी होना) – दुष्कर्मों की वजह से समाज ने लक्ष्मी का मुंह काला कर दिया ।

➤➤मुंहतोड़ जवाब देना – (सबक सिखाना) – युद्ध में हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था ।

➤➤मुंहदेखी कहना – (तारीफ करना) – वह किसी की सच्चाई नहीं जनता बस मुंहदेखी कहता रहता है ।

म से शुरू मुहावरे || मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤मुंहमांगी मुराद पाना – (मन चाहा मिलना) – मुंहमांगी मुराद पाने के लिए बहुत मेहनत करनी पडती है ।

➤➤मुंह मोड़ना – (विमुख होना) – लोगों की बातों पर विश्वास करके उसने अपने सच्चे दोस्त से मुंह मोड़ लिया ।

➤➤मुठ्ठी गरम करना – (घूस देना) – आजकल के ओफिसर बस अपनी मुठ्ठी गरम करने में लगे रहते हैं ।

➤➤मैदान साफ होना – (बाधा न होना) – मैदान साफ होने की वजह से वे खेल आसानी से जीत गये ।

➤➤मैदान मारना – (जीत जाना) – उसने प्र्त्योगिता में सभी राज्यों से मैदान मार लिया ।

➤➤मौत का सिर पर खेलना – (मरने वाला) – रमेश के सिर पर मौत खेल रही है पता नहीं अगले दो पल में क्या हो जाये ।

➤➤मेढकी को जुकाम होना – (अनहोनी होना) – पर्वत को उठाना मेंढकी को जुकाम होने के बराबर समझा जाता है ।

➤➤मक्खन लगाना – (चापलूसी करना) – मुन्सी मक्खन लगाकर मालिक से  अपना काम निकलवा लेता है ।

म से शुरू मुहावरे || मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤मिटटी का माधो – (बिलकुल मूर्ख) – वह दुनिया को बिलकुल नहीं जानता वह तो मिटटी का माधो है ।

➤➤मिटटी खराब करना – (बुरी हालत करना) – पहलवानी में लुट्टन ने शेर कहाँ की मिटटी खराब क्र दी ।

➤➤मुंह खून लगना – (घूस लेने की आदत पड़ना) – अगर शेर के मुंह खून लग जाये तो वह खतरनाक हो जाता है ।

➤➤मोहर लगा देना – (पुष्टि करना) – आजकल सब लोग बातों पर मोहर लगा दिया करते हैं ।

➤➤मर मिटना – (नष्ट होना) – पहले लोग एक दूसरे के लिए मर मिटने को तैयार रहते थे लेकिन आज एक दूसरे से बोलते भी नहीं हैं ।

➤➤मांस नोचना – (परेशान करना) – उसने पीछे डोल डोल क्र मेरा तो मास ही नोच लिया है ।

➤➤मोम हो जाना – (नर्म बनना) -लोगों को आजकल कोई नहीं समझ सकता कभी बहुत गुस्सा करते हैं और कभी मोम बन जाते हैं ।

➤➤मन फट जाना – (फीका पड़ना) – लोगों को साथ देखकर कुछ लोगों के मन फट जाते हैं ।

य – र तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित 

➤➤यश कमाना – (नाम कमाना) – लोगों को यश कमाने में बहुत साल लग जाते हैं लेकिन गवाने में एक पल नहीं लगता । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤यश मानना – (कृतज्ञ होना) – पंचाल ने यज्ञ करते समय यश मानने की गलती की थी ।

➤➤ युग-युग – (दिनों तक) – महाभारत का युद्ध युग युग तक चला था ।

➤➤युग धर्म – (समय से चलना) – युग धर्म ही इस प्रकृति की पहचान मानी जाती है ।

➤➤युगांतर उपस्थित करना – (नई प्रथा चलाना) – श्रवण ने मोहनजोदड़ो में युगांतर उपस्थित किया था ।

र से शुरू होने वाले मुहावरे || मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤रंग उखड़ना – (मजा बिगड़ना) – दुर्घटना की वजह से सारे रंग उखड़ गये हैं ।

➤➤रंग उड़ना – (हैरान होना) – अपनी माँ की मौत की खबर से उसके चहरे के रंग उड़ गये ।

➤➤राई का पहाड़ बनाना – (बढ़ा कर कहना) – अनीता को राई का पहाड़ बनाना बहुत अच्छी तरह से आता है ।

➤➤रोंगटे खड़े होना – (डरना) – रात को आवाजें सुनकर उसके रोंगटे खड़े हो गये ।

➤➤रफू चक्कर होना – (भाग जाना) – पुलिस को देखते ही चोर रफू चक्कर हो गया ।

➤➤रात दिन एक करना – (मेहनत करना) – लडकी का विवाह करने के लिए उसने रात दिन एक कर दिया ।

➤➤रंग में भंग पड़ना – बाधा पड़ना – सीमा के विवाह में वर्षा आ जाने के कारण रंग में भंग पड़ गये ।

➤➤रोटी के लाले पड़ना – (खाने को तरसना) – अन्न जल उठने से उसको रोटी के लाले पड़ गये हैं ।

➤➤रोड़ा अटकना – (बाधा पड़ना) – अच्छे काम में हमेशा रोड़ा अटकता है ।

र से शुरू होने वाले मुहावरे || मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤रौनक जाना – (चमक खत्म होना) – बच्चों के चले जाने से घर की रौनक भी चली जाती है ।

➤➤रंगा सियार होना – (धोखा देने वाला) – कुछ लोगों का कोई भरोसा नहीं होता वे रंगा सियार जैसे होते हैं ।

➤➤रोम रोम खिलना – (बहुत खुश होना) – अपने परिवार से फिर मिलकर उसका तो रोम रोम खिल उठा ।

➤➤रसातल चला जाना – (बिलकुल खत्म होना) – आग लगने से लाक्षाग्रह का रसातल चला जाता है ।

➤➤रीढ़ टूटना – (आधार खत्म होना) – बेटे के मरने से उसका तो मानो रीढ़ ही टूट गया हो ।

➤➤रोटियां तोडना – (बैठकर खाना) – वह बेरोजगार है उसे रोटियां तोड़ने के सिवा कोई और काम नहीं है ।

➤➤रोना-रोना – (दुःख सुनाना) – जब कभी भी हम दूसरों के घर जाते हैं तो उनका रोना रोना ही लगा रहता है

ल – व तक मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित 

➤➤लाल पीला होना – क्रोधित होना – अधिक लाल पीला होना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤लोहे के चने चबाना – अत्यधिक कठिन कार्य – पढना आसन नहीं वरन लोहे के चने चबाना है ।

➤➤लंबी तानना – (सोना) – कुंभकर्ण लम्बी तान कर सोया कर्ता था उसे जगाना बहुत मुश्किल हो जाता था ।

➤➤लकीर का फकीर होना – (अन्धविश्वासी होना) – जो भगवान की जगह ढोंगियों पर विश्वास करता है वह लकीर का फकीर हो जाता है ।

➤➤लपेट में आ जाना – (घिरना) – पांडवों को मारने वाले आग की लपेट में आ गये थे ।

➤➤लंबी चौड़ी हाँकना – (डींगें हाँकना) – बात तो छोटी थी लेकिन कुशल ने उसे लम्बी चौड़ी हंकनी शुरू कर दी ।

➤➤लल्लो चप्पो करना – (खुशामद करना) – कभी भी बच्चों के पीछे लल्लो चप्पो नहीं करना चाहिए वे बिगड़ जाते हैं।

ल – व तक मुहावरे || और उनका अर्थ

➤➤लड़ाई में काम आना – (लड़ते हुए मरना) – बहुत से सैनिक युद्ध में काम आये लेकिन फिर भी युद्ध को जीता नहीं जा सका ।

➤➤लहू का प्यासा होना – (मरने पर उतरना) – वह तो लहू का प्यासा हो गया है किसी भी तरह से शांत नहीं हो रहा है ।

➤➤लुटिया डुबोना – (नष्ट करना) – पवन ने बने बनये काम की लुटिया डुबो दी ।

➤➤लोहा मानना – (हारना) – महात्मा गाँधी ने विदेशियों से लोहा मनवा लिया था ।

➤➤लोहा नहीं मानना – (हार न मानना) – भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना से अभी तक लोहा नही माना है ।

➤➤लेने के देने पड़ना – (नुकसान होना) – पिताजी ने काम शुरू किया लेकिन काम में लेने के देने पड़ गये ।

➤➤लहू होना – (मुग्ध होना) – वह तो हर किसी की बातों पर लहू हो जाता है ।

➤➤लग्गी से घास डालना – (दूसरों पर गेरना) – जब लोगों ने सुधा को नशा करते देखा तो उसने लग्गी से घास डालना शुरू कर दिया ।

➤➤लट्टू होना – (मोहित होना) – वह उसके रूप को देखकर उस पर लट्टू हो गया ।

व से शुरू होने वाले मुहावरे || मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤वीरगति को प्राप्त होना – (युद्ध में मरना) – युद्ध में कई सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे ।

➤➤वचन हारना – (जबान हारना) – कुछ लोग झूठा वचन देते हैं लेकिन वचन बहुत जल्दी हार जाते हैं ।

➤➤विष उगलना – (कडवी बातें करना) – सुमन बातें नहीं करती वह तो विष उगलती है ।

स से शुरू मुहावरे || और उनका अर्थ उदाहरण सहित 

➤➤सनक सवार होना – (धुन लगना) -उसे तो पुलिस बनने की सनक सवार हो गई है । मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤सन्नाटे में आना – (बिलकुल शांत हो जाना) – जब कक्षा में साँप आ गया तो आवाजें सन्नाटे में बदल गयीं ।

➤➤सब्जबाग दिखाना – (झूठा भरोसा देना) – एक धोखेबाज ने सब्जबाग दिखाकर मुझे लुट लिया ।

➤➤सिर आँखों पर रखना – (सम्मान करना) – मेहमान भगवान होता है इसलिए उन्हें सिर आँखों पर रखा जाता है ।

➤➤सिर उठाना – (विरुद्ध होना) – तुम राजा के हर फैसले पर सिर मत उठाया करो ।

➤➤सीनाजोरी करना – (बल देना) – एक तो चोर ने चोरी की ऊपर से हम से सीनाजोरी और क्र रहा है ।

➤➤सूरज को दीपक दिखाना – (गुणवान को उपदेश देना) – तुम उसे सिख मत दिया करो वह तो सूरज को भी दिया दिखा सकता है ।

➤➤सर्द हो जाना – (डरना) -जब उसने दुर्घटना को होते हुए अपनी आँखों से देखा तो वह सर्द हो गया ।

➤➤समझ पर पत्थर पड़ना – (अक्ल नष्ट होना) – जब वे लोग तुम्हे कोड़े मार रहे थे तब तुम्हारी अक्ल पर पत्थर पड़ गये थे क्या ?

➤➤सिक्का जमाना – (प्रभाव जमाना) – राजा के लोग पहले अपना सिक्का जमाते हैं फिर लोगों के साथ दुष्टता करते हैं ।

➤➤स्व सोलह आने सही – (पूरी तरह ठीक) – राजा बहुत ही कायर होते हैं यह बात स्व सोलह आने सच है ।

➤➤सिर पर आ जाना – (पास आना) – मुझे पता ही नही चला कि वह मेरे सिर पर आ खड़ा हुआ ।

स से शुरू मुहावरे || और उनका अर्थ

➤➤सिर धुनना – (अफ़सोस करना) – जब तुमसे गलती हो जाएगी तब सिर धुनने से भी कोई फायदा नहीं होगा ।

➤➤सर गंजा कर देना – (बहुत पीटना) – पुलिस ऑफिसर ने गुंडों को पीट पीटकर उनका सिर गंजा कर दिया ।

➤➤सफेद झूट – (बिलकुल झूट) – सुनीता तो सच कभी बोलती ही नहीं है वह तो सफेद झूंठ बोलती है ।

➤➤सितारा चमकना – (भाग्य जागना) – जब से वह भगवान का ध्यान लगाने लगा है उसका तो सितारा ही चमकने लगा है ।

➤➤सात पांच करना – (आगे पीछे करना) – सुनीता लोगों के बीच सात पांच करती रहती है ।

➤➤साँप सूंघ जाना – (अचानक शांति होना) – महामारी की खबर से सारे गाँव को साँप सूंघ गया ।

➤➤सात घाट का पानी पीना – (अनुभवी होना) – तुम उससे जीत नहीं सकते उसने पुरे सात घाट का पानी पिया है ।

➤➤सिंदूर चढ़ाना – (विवाह करना) – माँ बाप ने अपनी लडकी को बालिक होने से पहले ही सिंदूर चढ़ा दिया ।

➤➤सिर पर पाँव रखकर भागना – (बहुत तेज भागना) -पाकिस्तानी सैनिक युद्ध से सिर पर पाँव रखकर भागे थे ।

श – ह तक मुहावरे || और उनका अर्थ

➤➤शान में बट्टा लगाना – (इज्जत कम होना) – छोटी नौकरी करने से तुम्हारी शान में बट्टा नहीं लग जायेगा। श – ह तक मुहावरे

➤➤शामत सवार होना – (संकट आना) – पिताजी तुम्हारी सारी शरारतें जान चुके हैं अब तुम्हारी सामत सवार हुई है ।

➤➤शेखी बघारना – (डींगें मारना) – तुम लोग व्यर्थ शेखी बघारना बंद करो और अपने काम पर ध्यान दो ।

➤➤शर्म से गढ़ जाना – (बहुत लज्जित होना) – जब वह कर्ज नहीं चूका पाया तो शर्म से गढ़ गया ।

➤➤शर्म से पानी पानी होना – (बहुत लजाना) – जब लडकी की शादी की बातें हो रही थीं तब लडकी शर्म से पानी पानी हो गई ।

➤➤शैतान की आंत – (बड़ी बातें) – अगर तुम रोहन के पेस बैठोगे तो तुम्हे शैतान की आंतें सुनने को मिलेंगी ।

➤➤शैतान की खाला – (झगड़ालू औरत) – बबिता से कोई भी नहीं जीत सकता है वह तो शैतान की खाला है ।

श, ष , श्र से शुरू होने वाले मुहावरे

➤➤शिकार हाथ लगना – (असामी मिलना) – जब शिकारी को कोई शिकार हाथ लग जाता है तो उसकी तुलना वह खजाने से करता है ।

➤➤शैतान के कान कतरना – (चालाक होना) – तुम उसकी तुलना नहीं कर सकते हो वह तो शैतान के भी कान कतर सकता है ।

➤➤षटराग अलापना – (रोना धोना) – जब उसके घर कोई भी नुकसान हो जाता है तो लोग षटराग अलापते रहते हैं ।

➤➤श्री गणेश करना – (काम की शुरुआत करना) – जब भी लोग कोई शुभ काम शुरू करने वाले होते हैं तब वो कहते हैं की चलो श्री गणेश करते है ।

➤➤ऋण चुकाना – (कर्ज उतारना) – उसने अपना ऋण चूका कर राजा से अपना पीछा छुड़ा लिया ।

ह से शुरू होने वाले मुहावरे || मुहावरे और उनके अर्थ

➤➤हक्का बक्का रह जाना – (हैरान हो जाना) – मास्टरजी की मौत की खबर सुनकर सब लोग हक्के बक्के रह गये ।

➤➤हँसी उड़ाना – (मजाक करना) – जमुना की गरीबी पर उसकी कक्षा की लडकियाँ उसकी हँसी उड़ाती है ।

➤➤हथियार डाल देना – (हर मान लेना) – महात्मा गाँधी जी की बातें सुनकर भारतीय गुंडों ने हथियार डाल दिए थे ।

➤➤होश उड़ जाना – (डर जाना) – भूत को देखते ही उसके तो होश ही उड़ गये ।

➤➤हौसला पस्त होना – (उत्साह खत्म होना) – पाकिस्तान को हारता देख पाकिस्तानी लोगों के हौंसले पस्त हो गये ।

➤➤हाथ पैर मारना – (कोशिश करना) – उसने बहुत हाथ पैर मारे लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी ।

➤➤हाथों के तोते उड़ना – (हैरान होना) – पैसों को न मिला देखकर उसके तो हाथों के तोते उड़ गये ।

➤➤हाथ मलते रह जाना – (पछतावा होना) – जब लोग तुम से दूर हो जाएंगे तब तुम हाथ मलते रह जाओगे ।

➤➤हवाई किले बनाना – (कल्पना में उड़ना) – मेहनत करने वाले जीवन में सफल होते हैं , हवाई किले बनाने वाले नहीं ।

➤➤हाथ पाँव फूलना -(घबरा जाना)- डाकुओं को देखकर आशीष के हाथ पाँव फूल गये ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here