पति तलाक कैसे ले ? || अगर पत्नी तलाक नही दे तो ?
पति तलाक कैसे ले ? || अगर पत्नी तलाक नही दे तो ?

पति तलाक कैसे ले ? | अगर पत्नी तलाक नही दे तो ?

आज कल तलाक होना एक आम बात है| समझदार लोग आपस में समझोता करके आपसी सहमती से तलाक ले लेते है | लेकिन कई बार ऐसे हालात हो जाते है की आपसी समझोते से तलाक नही हो पाता  है | और ख़ास कर जब पत्नी तलाक देने से मना कर दे तो ज्यादा विकित समस्या खड़ी हो जाती है | पति तलाक कैसे ले

चरित्रहीन पत्निया सोचती है की एक बार में पैसे लेने से अच्छा है की वो हर महीने खर्चा लिए जाए और अपने दोस्तों से तो उसके सम्बन्ध है ही | ऐसे हालात में पतियों के लिए बड़ी विकिट समस्या पैदा हो जाती है | आइये जाने अगर आपकी पत्नी आपको तलाक नही दे या फिर आपके पास सबूत नही हो तो तो भी कैसे तलाक ले |

धारा 9 दाम्पत्य अधिकारों का प्रत्यास्थापन (हिन्दू मैरिज एक्ट)

अगर आपको लगता है की आपकी पत्नी साधारण तलाक के केस नही मानेगी या फिर आप केस नही जीत सकते है या फिर आपके पास अपनी पत्नी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नही है , जिससे की आपको लगे की आप केस जीत सकते है तो ऐसे में आप इस धारा 9 दाम्पत्य अधिकारों का प्रत्यास्थापन (हिन्दू मैरिज एक्ट ) का सहारा लेते है इसको इंग्लिश में restitution of conjugal rights कहते है | इसमें आप अपनी पत्नी को वापस घर लाने का केस करते है | जाहिर है वो ऐसे तो आएगी नही तो आप अगर ये साबित कर देते है की मैंने किसी भी प्रकार की गलती नही की है और शादी होने के कारण, कानूनन मेरी पत्नी को मेरे साथ रहना चाहिए और मुझे दाम्पत्य सुख देना चाहिए जो वो नही  दे रही है तो ऐसे में अगर इस आधार पर ये डिक्री आपको मिल जाती है|

पत्नी के करीबी सपोर्टर पर केस

जैसे की आपने सूना होगा की पेड़ को काटना है तो पहले उसकी जड को काटे, टहनियों काटने से कुछ नही होता है | ऐसे में हमे उस व्यक्ति पर केस करना चाहिए या फिर उसकी शिकायत करके उसे उससे दूर करना चाहिए अगर आप को लगे की कोई आप के खिलाफ जा सकता है तो उस को भी अपने केस में पार्टी या फॉर्मर पार्टी बना सकते है | इससे वो व्यक्ति आप का केस अपनी गवाही से कमजोर नही कर पायेगा | इससे ये होगा की आपकी पत्नी कमजोर पड़ जायेगी | और हारकर आपको तलाक दे देगी |अगर आप किसी भी प्रकार की क़ानूनी सलाह लेना चाहते है तो आप    कॉल करके ले ले सकते है ईसकी फीस rs. 1000/- होगी | इसके अलावा अगर आप मीटिंग करना चाहते है तो उसकी फीस rs. 2000/- होगी |

पति तलाक कैसे ले | घरेलू हिंसा का केस

अगर आपकी माँ या बहन भी आपके साथ रहती है तो आप अपनी माँ या बहन से ये केस अपनी पत्नी पर करवा सकते है | घरेलू हिंसा का केस पत्नी ही नही आपकी माँ और बहन भी ये केस आपकी पत्नी पर कर सकती है | जैसे आपकी पत्नी उस घर में बहु है वैसे ही आपकी माँ भी उस घर में बहु है } घरेलू हिंसा केस से मतलब है की एक घर में रहने वाले लोग आपस में ये केस कर सकते है | ये केस सिर्फ महिला ही कर सकती है, पुरुष को कोई आधिकार नही है | तो ऐसे में आप अपनी माँ या बहन से ये केस अपनी पत्नी पर करवा सकते है की उसने भी उसे परेशान किया है/ गाली दी है /पिता है खाना नही दिया  या फिर ताने दिए है|

धारा 3 दहेज प्रतिरोधी अधिनियम

अगर आपकी पत्नी ने कही पर भी ये लिखा है की शादी से पहले और बाद में उन्होंने आपकी मांग पर दहेज दिया है तो आप इस धारा में उन्हें 5 साल तक की सजा और और 15 हजार से लेकर दहेज के सामान तक की वैल्यू का पैसे का जुरमाना करवा सकते है | ये धारा कहती है की दहेज देना और लेना दोनों ही जुर्म है | इसमें आपको ये नही कहना है की मैंने दहेज लिया है | लेकिन आपकी पत्नी का और उसके परिवार का ये कहना ही काफी है की उन्होंने दहेज दिया है और इतना कहना ही उन्हें जेल पहुचा सकता है |

धारा 10 न्यायिक पर्थ्करण (हिन्दू मैरिज एक्ट)

इसको हम इंग्लिश में जुडिशल सप्रेशन कहते है यानी की क़ानूनी रूप से एक जगह रहते हुए, एक छत के निचे रहते हुए भी पति पत्नी की तरह नही रहना |जब आपकी पत्नी आपके साथ रहती है और आपसे खर्चा भी ले रही है और साथ में रहते हुए तलाक लेना सबसे मुश्किल होता है कयोकी ऐसे में कोर्ट का रुख पत्नी की तरफ रहता है ऐसे में कोर्ट सोचता है की पत्नी तो घर बसाना चाहती है लेकिन पति ही नही चाहता है | तो ऐसे में आपको ये केस करना चाहिए इसमें हम ये तलाक के ही आधारों को लेते है और उन्ही आधारों पर मांग करते है की हमे एक साथ रहते हुए भी पति पत्नी नही माना जाए, और ये डिक्री आपको मिल जाती है तो आप इसके मिलने के बाद अपनी पत्नी धारा 13 (1) में केस करके आसानी से तलाक ले सकते है |

पति तलाक कैसे ले | मानहानि धारा 500 IPC

साधारणत : आपने देखा होगा की पत्निया केस करने के बाद न्यूज़ पेपर में निकलवा देती है और फिर उसकी कटिंग कोर्ट में दिखा कर कोर्ट को मिडिया ट्रायल का रूप दिखाकर अपने पक्ष में करने की कोशिश करती है | इसके लिए और इस प्रकार के दबाव को कोर्ट रोकने के लिए, आगे से कोई न्यूज़ पेपर ऐसी खबर नही छापे और अपनी पत्नी पर समाजिक दबाव बनाने के लिए आप को धारा 500 IPC मानहानि मे केस  करना चाहिए, ताकि आपकी पत्नी और न्यूज़ पेपर वाले दबाव में आ जाए औरआपकी पत्नी गवाहों की मदद से केस करे की आपकी पत्नी ने आप लोगो के खिलाफ झूठी अफवाह उड़ाई है | इससे आपकी पत्नी पर दबाव बनता है | इस धारा में 2 साल तक की सजा और जुर्माना दोनों होते है |

धारा 13 (1) तलाक

  • जारता
  • क्रूरता
  • अभित्याग
  • धर्म-परिवर्तन
  • मस्तिष्क विकृत्त्ता
  • कोढ़
  • रतिजन्य रोग
  • संसार परित्याग
  • प्रकल्पित मृत्यु
  • न्यायिक प्रथक्करण
  • दांपत्य अधिकारों के पुनर्स्थापन की आज्ञप्ति का पालन न करना
  • इसे भी पढ़े: धारा 310 क्या है? || IPC SECTION 310 IN HINDIयह भी पढ़ें: धारा 308 क्या है? || IPC SECTION 308 IN HINDI

सिर्फ पत्नियों के लिए बनाए आधार

  • बहुविवाह
  • बलात्कारया रेप ,गुदा मैथुन अथवा पशुगमन
  • भरण पोषण की डिक्री
  • योवन का विकल्प

इन आधारों पर साधारण तय आप केस करके तलाक लेते है

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