धारा 308 क्या है ? || गैर इरादे से हत्या का प्रयास करना
धारा 308 क्या है ? || गैर इरादे से हत्या का प्रयास करना

धारा 308 क्या है ? || IPC Section 308 in Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 308 के अनुसार:-

जो भी कोई इस तरह के इरादे या बोध के साथ ऐसी परिस्थितियों में कोई कार्य करता है, जिससे वह किसी की मृत्यु का कारण बन जाए, तो वह गैर इरादतन हत्या (जो हत्या की श्रेणी मे नही आता) का दोषी होगा, और उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या आर्थिक दंड, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा। धारा 308 क्या है ?

यह भी पढ़ें: तलाक के नये नियम2021 | तलाक में पुरुषों का अधिकार

इसे भी पढ़े: तीन तलाक क्या है? | मुस्लिम कानून की पूरी जानकारी

गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास क्या होता है ?

अगर आप इसको आसान भाषा में समझना चाहते है कि आखिर IPC की धारा 308 किस तरह आरोपी पर अप्लाई होती है। तो आइये समझते हैं , यह धारा IPC की 308 उस व्यक्ति पर लगाई जाती हैं, जब वह व्यक्ति किसी ऐसे इरादे व जानकारी (मनःस्थिति) के साथ किसी ऐसी परिस्थितियों में कोई ऐसा कार्य कर देता हैं, जिससे वह व्यक्ति किसी दुसरे व्यक्ति के मृत्यु का कारन बन जाता हैं। तो इस प्रकार वह गैर इरादतन हत्या ( जो हत्या की श्रेणी मे नही आता ) जैसे अपराध का दोषी होगा। जिसके लिए इस धारा में सजा का प्रावधान है |

इसे भी पढ़े: धारा 354A क्या है ? || IPC SECTION 354A IN HINDI

यह भी पढ़ें: धारा 376 की परिभाषा | झूठा रेप केस कैसे जीते?

आईपीसी की धारा 308 में सजा (Punishment) क्या होगी ?

इस धारा 308 में दो तरह की कंडीशन हैं पहली गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास इसके लिए सजा का प्रावधान 3 वर्ष कारावास या आर्थिक दंड अथवा दोनों होगा | यह एक प्रकार का गैर-जमानती अपराध और संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है इसको केवल सत्र न्यायालय में ही सुना जा सकता है |

यह भी पढ़ें: धारा 354 क्या है? || IPC SECTION 354 IN HINDI

धारा 308 क्या है ? में जमानत (BAIL) का प्रावधान

अगर जमानत की बात की जाये IPC की धारा 308 में तो जैसा कि हमने जाना यह अपराध एक प्रकार संज्ञेय अपराध माना जाता है तब वह जमानत नहीं हो सकती है अर्थात यहाँ इस सेक्शन में यह अपराध अजमानतीय अपराध की श्रेणी में आयेगा | आपको हमने आज इस पेज पर IPC भारतीय दंड संहिता की धारा 308 के विषय में गहराई से बताया और इसकी सजा के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी | यदि फिर भी इस धारा से सम्बन्धित कुछ भी शंका आपके मन में हो या इससे सम्बंधित अन्य कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आप हमसे बेझिझक पूँछ सकते है |

इसे भी पढ़े: पति तलाक कैसे ले | पत्नी तलाक नही दे तो ?

यह भी पढ़ें: धारा 171ख क्या है? | भ्रष्टाचार निवारण और संशोधन बिल

लागू अपराध:- 1. गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास।

सजा:- 3 वर्ष कारावास या आर्थिक दंड या दोनों।

यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है।

2 यदि इस तरह के कृत्य से किसी भी व्यक्ति को चोट पहुँचती है।

सजा:- 7 वर्ष कारावास या आर्थिक दंड या दोनों।

यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है।

यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here