धारा 302 क्या है ? || किसी व्यक्ति की हत्या करना
धारा 302 क्या है ? || किसी व्यक्ति की हत्या करना

धारा 302 क्या है ? || IPC Section 302 in Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के अनुसार:-

जो भी कोई किसी व्यक्ति की हत्या करता है, तो उसे मृत्यु दंड या आजीवन कारावास और साथ ही आर्थिक दंड से दंडित किया जाएगा। धारा 302 क्या है ?

लागू अपराध:- हत्या करना

सजा:- मृत्यु दंड या आजीवन कारावास + आर्थिक दंड

एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है।

यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।

यह भी पढ़ें: तलाक के नये नियम2021 | तलाक में पुरुषों का अधिकार

इसे भी पढ़े: तीन तलाक क्या है? | मुस्लिम कानून की पूरी जानकारी

बरेली पुलिस आईपीसी की धारा 307 के तहत मुकदमा

बरेली पुलिस आईपीसी की धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज करने में लापरवाही और खेल कर रही है। लापरवाही ऐसे कि शिकायत मिलने पर जांच, हथियार या कारतूस की बरामदगी किए बिना ही धारा 307 यानि गैर इरादतन का केस दर्ज कर ले रही है। जबकि कई केस में गैर इरादतन हत्या होने के बावजूद हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर देती है। इस तरह के कुछ मामले सामने आने के बाद डीआईजी आशुतोष कुमार ने लीगल अधिकारियों के साथ मीटिंग उनसे रायशुमारी की और थानेदारों को निर्देश दिया कि केस दर्ज करने में लापरवाही की तो कार्रवाई की जाएगी। आईपीसी की धारा 307 में मुकदमा दर्ज कर लेती है।

इसे भी पढ़े: धारा 354A क्या है ? || IPC SECTION 354A IN HINDI

यह भी पढ़ें: धारा 376 की परिभाषा | झूठा रेप केस कैसे जीते?

कुछ मामलों में नहीं लगती धारा 302

भारतीय दंड संहिता में धारा 302 के कुछ प्रावधान दिए गए हैं, और यदि कोई मामला इस धारा के प्रावधानों की सभी शर्तों को पूरा करता है, तो ही केवल धारा 302 का प्रयोग किया जा सकता है, यदि कोई मामला धारा 302 की सभी शर्तों को पूर्ण नहीं कर पता है, तो उसमें धारा 302 के आलावा किसी और धारा का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन धारा 302 का प्रयोग नहीं हो सकता है। धारा 302 में न्यायालय में हत्या करने वाले व्यक्ति के इरादे पर ध्यान दिया जाता है, किन्तु कुछ मुक़दमे ऐसे भी होते हैं, जिनमें एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति की हत्या तो की जाती है, किन्तु उसमें मारने वाले व्यक्ति का हत्या करने का इरादा नहीं होता है। तो ऐसे सभी मामलों में धारा 302 के स्थान पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304 का प्रयोग किया जाता है।

यह भी पढ़ें: धारा 354 क्या है? || IPC SECTION 354 IN HINDI

इसे भी पढ़े: पति तलाक कैसे ले | पत्नी तलाक नही दे तो ?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here