धारा 297 क्या है ? || समाधि, कब्रिस्तान, श्मशान घाट को क्षति पहुचाना
धारा 297 क्या है ? || समाधि, कब्रिस्तान, श्मशान घाट को क्षति पहुचाना

धारा 297 क्या है ? || IPC Section 297 in Hindi

भारतीय दंड संहिता की धारा 292 के अनुसार:- धारा 297 क्या है ?

जो कोई किसी उपासना स्थान में, या किसी कब्रिस्तान पर या अन्त्येष्टि क्रियाओं के लिए या मृतकों के अवशेषों के लिए निक्षेप स्थान के रूप में पृथक रखे गए किसी स्थान में अतिचार या किसी मानव शव की अवहेलना या अन्त्येष्टि संस्कारों के लिए एकत्रित किन्हीं व्यक्तियों को विघ्न कारित।

वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से. दण्डित किया जाएगा।

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धारा 297 की परिभाषा

अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर ऐसा कार्य करेगा-
1. किसी भी समाधि स्थल, उपासना स्थल, कब्रिस्तान, मकबरा, श्मशान घाट आदि को नुकसान करना या क्षति पहुचाना।
2. किसी भी शव की अवहेलना करना या शव का अपमान करना।
3. श्मशान घाट जा रही कोई शव यात्रा में विघ्न डालना या कोइ बाधा पहुचाना।
4. मृतक व्यक्ति के शरीर से बिना घर वाले कि सूचना के गुर्दा निकालना।
नोट:-मृतक शव का पोस्टमार्टम करना इस धारा के अंतर्गत दण्डिनीय अपराध नहीं है।

भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 297 के अनुसार दण्ड का प्रावधान

उधारानुसार:- अगर सर्जरी इलाज के दौरान किसी रोगी की मृत्यु हो जाती हैं। तथा डॉक्टर मृतक की पत्नी या कोई वारिस को जानकारी दिये बिना मृतक के शरीर से गुर्दा(लिवर) निकल कर उसे अन्य व्यक्ति के शरीर में प्रतिरोपण(दूसरे व्यक्ति के शरीर में भेजना) के लिए दे देता है, यहां पर पत्नी या वारिस की शिकायत पर डॉक्टर के विरुद्ध धारा 297 के अंतर्गत अपराध किया जाना सही एवं न्यायोचित होगा।

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