किन्नर के रहस्य और उनसे जुडी रोचक जानकारी
किन्नर के रहस्य और उनसे जुडी रोचक जानकारी

किन्नर के रहस्य और उनसे जुडी रोचक जानकारी

किन्नर समुदाय समाज से अलग ही रहता है और इसी कारण आम लोगों में उनके जीवन और रहन-सहन को जानने की जिज्ञासा बनी रहती है। किन्नरों का वर्णन ग्रंथों में भी मिलता है। यहां जानिए किन्नर के रहस्य और उनसे जुडी रोचक जानकारी

  • किन्नरों के जननांग पूरे जीवन भर विकसित नहीं होते। वो जन्म से मृत्यु तक एक ही जैसे रहते हैं।

  • किन्नर नवजात बच्चों को गोद में लेकर ही पहचान लेते हैं कि वो स्त्री है या पुरुष या फिर किन्नर

  • किन्नरों को मरने के बाद जलाया नहीं जाता बल्कि दफनाया जाता है

  • किंन्नर भी 2 प्रकार के होते हैं – स्त्री किन्नर और दूसरे पुरुष किन्नर

  • स्त्री किन्नर में पुरुषों जैसे लक्षण होते हैं और पुरुष किन्नर में स्त्रियों जैसे

  • ऐसी मान्यता है कि किन्नरों की दुआ में बड़ी ताकत होती है और किन्नरों को दान देना बड़े ही पुण्य का काम है

  • किन्नरों की बददुआ कभी खाली नहीं जाती इसलिए कभी किसी किन्नर की बददुआ ना लें

  • शास्त्रों के अनुसार, पूर्वजन्म के पापों की वजह से किन्नर का जन्म मिलता है

  • इसीलिए किन्नरों की शवयात्रा रात में निकाली जाती है।

  • ज्योतिष के अनुसार वीर्य की अधिकता से पुरुष (पुत्र) उतपन्न होता है। रक्त (रज) की अधिकता से स्त्री (कन्या) उतपन्न होती है। वीर्य और राज़ समान हो तो किन्नर संतान उतपन्न होती है।

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  • फिलहाल देश में किन्नरों की चार देवियां हैं।

  • कुंडली में बुध, शनि, शुक्र और केतु के अशुभ योगों से व्यक्ति किन्नर या नपुंसक हो सकता है।

  • किसी किन्नर की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार बहुत ही गुप्त तरीके से किया जाता है।

  • 2014 से पहले इन्हें समाज में नही गिना जाता था. अभी भी इनके साथ हुए बलत्कार को बलत्कार नही माना जाता।

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