किन्नरों के गुप्त राज जिन्हे कोई नहीं जनता
किन्नरों के गुप्त राज जिन्हे कोई नहीं जनता

किन्नरों के गुप्त राज जिन्हे कोई नहीं जनता

आज भी हममें से कई लोग इस बात से अंजान है कि किन्नरों का अंतिम संस्कार कैसे किया जाता है। किन्नर की मौत के बाद आधी रात में उसका अंतिम संस्कार किया जाता है। ताकि कोई उसे देख ना सके। ऐसी मान्याता है कि यदि कोई किन्नर का अंतिम संस्कार देख लेता है तो वह अगले जन्म में किन्नर के रुप में ही दोबारा जन्म लेता है। किन्नर को जलाने की जगह दफनाया जाता है। उससे पहले उसे चप्पलों से पीटा भी जाता है। ऐसा करने से उसके इस जन्म में किए  सारे पापों का प्रायश्चित हो जाता है। किन्नर की मौत के बाद किन्नर समाज उसका मातम नहीं मनाता उनका मानना है कि मृतक किन्नर को नारकीय जीवन से मुक्ति मिल गई। || किन्नरों के गुप्त राज

3 साल में किन्नरों के बारे में पता चले ये फैक्ट्स…

– किन्नरों में दो वर्ग होते हैं। एक स्त्री और दूसरा पुरुष।

– स्त्री किन्नर में पुरुष के लक्षण और पुरुष किन्नर में स्त्रियोचित लक्षण होते हैं।

– ये अपने जेंडर को गोद में लेते ही ऑर्गन देखकर पहचान लेते हैं।

– समुदाय में आने के बाद अपने धर्म को मानने की छूट होती है

– इस समुदाय की सर्वमान्य देवी है जिन्हें ‘बेसरा माता’ कहते हैं। किन्नर समुदाय इन्हीं की पूजा करता है। इनकी सवारी मुर्गा है।

– सभी किन्नर अपनी कमाई का एक हिस्सा अपने गुरु को देते हैं, जो इनके सुख-दुख में काम आता है।

– क्षेत्रों के हिसाब से एक गुरु होता है, जिसकी बाते सर्वमान्य होती हैं। यही गुरु किन्नरों का क्षेत्र तय करता है।

– जिंदगी से निराश और समाज से कटे होने के कारण इनमें नशे की लत पड़ जाती है।

– इनकी एक गुरु परंपरा है, जिसमें हर किन्नर अपने गुरु की आज्ञा भगवान की तरह मानता है।

– ये अपनी मृत्‍यु को समाज के सामने नहीं प्रकट करते। मृत्यु के बाद क्या होता है आज भी एक रहस्य बना हुआ है।

– ये समाज में कोड लैंग्वेज में बात करते है, जिससे अन्य लोग इनकी बातों को न समझ सकें।

-मर्दों को ‘इंसान’ कहते हैं किन्नर

– काफी देर होने पर मेरे पति डर कर घर की चाहरदीवारी चढ़कर अंदर झांकने लगे।

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