ऊष्मा किसे कहते हैं ? || और कितने प्रकार की होती है ?
ऊष्मा किसे कहते हैं ? || और कितने प्रकार की होती है ?

ऊष्मा किसे कहते हैं ? || और कितने प्रकार की होती है ?

जब हम एक कप में चाय डालते है तो यह बहुत अधिक गर्म होती है , यह इतनी गर्म होती है कि हम इसे पी नहीं सकते , माना इसका तापमान 90 डिग्री सेल्सियस है तथा कमरे का ताप 26 डिग्री सेल्सियस है। अब इसे चाय के कप को हम कुछ देर रख देते है तो यह ठंडा हो जाता है और अब हम इसे पी सकते है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कप का ताप अधिक था तथा कमरे का ताप था जिससे ऊर्जा चाय द्वारा उत्सर्जित की जाती है और कमरे अर्थात वातावरण द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है , इसी ऊर्जा को ही ऊष्मा कहा जाता है। ऊष्मा किसे कहते हैं ?

ऊष्मा या ऊष्मीय ऊर्जा

ऊष्मा या ऊष्मीय ऊर्जा , ऊर्जा का एक रूप है जो ताप के कारण होता है। ऊर्जा के अन्य रूपों की तरह ऊष्मा का भी प्रवाह होता है। किसी पदार्थ के गर्म या ठंढे होने के कारण उसमें जो ऊर्जा होती है उसे उसकी ऊष्मीय ऊर्जा कहते हैं। अन्य ऊर्जा की तरह इसका मात्रक भी जूल होता है पर इसे कैलोरी में भी व्यक्त करते हैं।

वसन्त ऋतु के आगमन पर उष्मा के प्रभाव से ही कली खिलकर फूल हो जाती है तथा वनस्पति क्षेत्र में एक नए जीवन का संचार होता है। इसी के प्रभाव से अंडे से बच्चा बनता है। इन कारणों से यह कोई आश्चर्य की बात नहीं कि पुरातन काल में इस बलवान्, प्रभावशील तथा उपयोगी अभिकर्ता से मानव प्रभावित हुआ तथा उसकी पूजा-अर्चना करने लगा। कदाचित् इसी कारण मानव ने सूर्य की पूजा की। पृथ्वी पर उष्मा के लगभग संपूर्ण महत्वपूर्ण प्रभावों का स्रोत सूर्य है। कोयला, और पेट्रोलियम, जिनसे हमें उष्मा प्राप्त होती है, प्राचीन युगों से संचित धूप का प्रतिनिधित्व करते हैं।

ऊष्मा, भौतिकी की एक महत्वपूर्ण उपशाखा है जिसमें ऊष्मा, ताप और उनके प्रभाव का वर्णन किया जाता है। प्राय: सभी द्रव्यों का आयतन तापवृद्धि से बढ़ जाता है। इसी गुण का उपयोग करते हुए तापमापी बनाए जाते हैं।

ऊष्मा का मापन

एक पदार्थ द्वारा प्राप्त की गई ऊष्मा उसके द्रव्यमान के अनुक्रमानुपाती होती है।

Sएक पदार्थ द्वारा प्राप्त की गई ऊष्मा उसको दिए गए ताप के अनुक्रमानुपाती होती है।

एक पदार्थ द्वारा प्राप्त की गई ऊष्मा पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर करती है।

ऊष्मा का ताप

ताप एक प्रकार की ऊर्जा है जो किसी पदार्थ के अंदर, उसके परमाणुओं व अणुओं कि गति के कारण उत्पन्न होती है।

यदि पदार्थ अत्यधिक तापयुक्त है, तो इसका अर्थ है कि- पदार्थ के अणु अत्यधिक क्रियाशील हैं. (बर्फ का पिघलना)

यदि पदार्थ कम तापयुक्त है तो इसका अर्थ है कि पदार्थ के अणुओं की गति बहुत कम है, अर्थात अणु कम क्रियाशील हैं।

ताप=पदार्थओं के ठन्डे व गर्म होने का माप

क्या होगा जब दो अलग अलग ताप की पदार्थएं संपर्क में लायी जाती हैं।

ऊष्मा हमेशा अधिक ताप वाली पदार्थ से कम ताप वाली पदार्थ के बीच होता है. ऊष्मा का यह स्थानान्तरण तब तक होता है जब तक दोनों पदार्थएं सामान तापमान ना प्राप्त कर लें, इस नियम को कैलोरीमिति का नियम कहते हैं।

कैलौरीमिति के सिद्धांत से

गर्म पदार्थ द्वारा खोयी गई ऊष्मा = ठंडी पदार्थ द्वारा अर्जित की गई ऊष्मा

ऊष्मा का मात्रक

ऊष्मा को कैलोरी, किलोकैलोरी, या जूल में मापा जाता है।

1 कैलोरी-: 1 ग्राम पानी का तापमान 1०C बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा

1 किलोकैलोरी 1 किलोग्राम पानी का तापमान 1०C बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा आपेक्षित ऊष्मा

कारण-: विभिन्न वस्तुओं की ऊष्मा ग्रहण करने की विभिन्न क्षमता.

उदाहरण

पानी की आपेक्षित ऊष्मा सबसे अधिक होती है।

पानी की आपेक्षित ऊष्मा=4.2 जूल/ग्राम-०C होती है. अर्थात पानी के एक ग्राम द्रव्यमान को 1०C बढाने के लिए 4.2 जूल ऊष्मा ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

किरोसीन तेल की आपेक्षित ऊष्मा= 2.1 जूल/ग्राम-०C

पारे की आपेक्षित ऊष्मा= 1.39 जूल/ग्राम-०C

विधुतरोधी पदार्थो की आपेक्षित ऊष्मा = बहुत अधिक होती है।

विधुतचालक पदार्थो की आपेक्षित ऊष्मा = बहुत कम होती है।

आपेक्षित ऊष्मा के दैनिक अनुप्रयोग

पानी की आपेक्षित ऊष्मा की क्षमता सबसे अधिक होती है अर्थात पानी अत्यधिक ऊष्मा को अवशोषित करके रख सकता है और इस ऊष्मा को अवशोषित करने के लिए अत्यधिक समय भी लेता है इसके ठीक विपरीत पानी ताप को मुक्त करते समय अत्यधिक ऊष्मा प्रदान करता है व एक लंबे समयांतराल में ठंडा होता है।

स्थलीय समीर व समुद्री समीर का निर्माण

पानी एक इसी गुण के कारण पानी का उपयोग शिकाई के लिए ‘हॉट बैग’ में किया जाता है।

पानी का उपयोग कूलरों व मशीनों में शीतलन के रूप में किया जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here